Home एग्रीकल्चर एग्री ट्रेड इस बार 22 फीसदी घट सकता है चीनी उत्पादन, महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे और बाढ़ का असर
इस बार 22 फीसदी घट सकता है चीनी उत्पादन, महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे और बाढ़ का असर
इस बार 22 फीसदी घट सकता है चीनी उत्पादन, महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे और बाढ़ का असर

इस बार 22 फीसदी घट सकता है चीनी उत्पादन, महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे और बाढ़ का असर

महाराष्ट्र और कर्नाटक में पहले सूखे और फिर बाढ़ से गन्ने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इससे चालू पेराई सीजन 2019-20 में चीनी उत्पादन 22 फीसदी घटकर 260 लाख टन रहने का अनुमान है। पिछले पेराई सीजन में 331.61 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। पहली अक्टूबर 2019 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन के लिए इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) द्वारा जारी दूसरे अग्रिम अनुमान में ये आंकड़े दिए गए हैं। पहले अनुमान में 282 लाख टन उत्पादन की बात कही गई थी। प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन 40 फीसदी गिरकर 62 लाख टन ही रहने का अनुमान है। पिछले सीजन में राज्य में 107.20 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। कर्नाटक में भी यह पिछले साल के 44.30 लाख टन के मुकाबले 32 लाख रहने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ सकता है उत्पादन

उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सीजन में चीनी उत्पादन बढ़कर 120 लाख टन होने का अनुमान है। पिछले सीजन में यहां 118.21 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और सोलापुर में पहले सूखे का असर गन्ने की फसल पर पड़ा, उसके बाद राज्य के कोल्हापुर, सांगली, सतारा और पुणे में बाढ़ से गन्ने की फसल को भारी नुकसान हुआ। कर्नाटक में भी चालू सीजन में गन्ने की बुआई में पिछले साल की तुलना में कमी आई थी, उसके बाद राज्य के बेलगाम और बीजापुर में बाढ़ से गन्ने की फसल प्रभावित हुई।

अन्य राज्यों में पिछले साल के बराबर ही उत्पादन का अनुमान

अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में उत्पादन 54.50 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल के लगभग बराबर ही है। पहली अक्टूबर 2019 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन के समय चीनी का बकाया स्टॉक बंपर 145.81 लाख टन बचा हुआ है। पिछले साल पेराई सीजन के आरंभ में बकाया केवल 107 लाख टन का था।  

एथेनॉल के लिए तेल कंपनियों की निविदा जल्द आने की उम्मीद

इस्मा के अनुसार चालू पेराई सीजन के लिए तेल कंपनियों द्वारा एथेनॉल की खरीद के लिए जल्द ही निविदा जारी करने की उम्मीद है। केंद्र सरकार द्वारा चीनी मिलों को एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए दी जा रही सहातया से कंपनियों की उत्पादन क्षमता बढ़ी है। माना जा रहा है कि चालू पेराई सीजन में मिलों द्वारा करीब 8.5 लाख टन चीनी उत्पादन के बराबर गन्ने से सीधे एथेनॉल बनने की उम्मीद है।

चालू वित्त वर्ष के चार महीनों में बढ़ा चीनी का निर्यात

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2019-20 के पहले चार महीने, अप्रैल से जुलाई के दौरान 18.59 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 9.67 लाख टन का निर्यात हुआ था। विश्व बाजार में व्हाइट चीनी के भाव 380 से 385 डॉलर प्रति टन हैं। केंद्र सरकार चीनी के निर्यात पर 10.50 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दे रही है। विश्व बाजार में चीनी की कुल उपलब्धता कम मानी जा रही है, जिससे आगे निर्यात सौदों में तेजी आने का अनुमान है।