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लागत भी नहीं मिलने से आलू किसान हलकान
लागत भी नहीं मिलने से आलू किसान हलकान

लागत भी नहीं मिलने से आलू किसान हलकान

चुनावी साल में आलू किसानों को अपनी फसल लागत से आधे दाम पर बेचनी पड़ रही है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश की मंडियों में आलू 4 से 6 रुपये प्रति किलो बिक रहा है जबकि किसानों को लागत 8 से 9 रुपये किलो की आई है। आलू किसानों की नाराजगी लोकसभा चुनाव में देखने को मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ के आलू किसान अम्बूज शर्मा ने बताया कि महंगे डीजल, बीज और कीटनाशकों के साथ मजदूरी बढ़ने से आलू की खेती की लागत बढ़कर 8 से 9 रुपये प्रति किलो हो गई है जबकि किसान इस समय 4 से 6 रुपये प्रति किलो के भाव आलू बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि किसान को मुनाफा तो दूर लागत भी वसूल नहीं हो रही है, जिस कारण किसान खेती से पलायन कर रहे हैं।

कर्नाटक की बीज की मांग हुई पूरी

पंजाब के आलू किसान धर्मेंद्र गिल ने बताया कि अमृतसर मंडी में आलू के भाव घटकर 150 से 300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए है, जिससे उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह कर्नाटक से आलू में बीज की मांग आई थी, जिससे भाव में हल्का सुधार आया था लेकिन अब कर्नाटक की मांग भी बंद हो गई है। उन्होंने बताया कि आलू की खुदाई मध्य मार्च तक पूरी हो जाती है, लेकिन फरवरी-मार्च में हुई बारिश से खोदाई में देरी हुई है।

कोल्ड स्टोर में भी भंडारण कम रहे हैं किसान

आगरा कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष एस सिंघल ने बताया कि 80 से 85 फीसदी आलू की खुदाई हो चुकी है तथा अब केवल 15 से 20 फीसदी आलू ही खेत में बचा हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले साल आलू की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई थी, जिस कारण कोल्डस्टोर में रखे आलू किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। यही कारण है कि किसान चालू सीजन में कोल्ड स्टोर में आलू का भंडारण कम रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोल्ड स्टोर का किराया करीब 110 से 130 रुपये प्रति क्विंटल होता है।

दैनिक आवक की तुलना में मांग कमजोर

दिल्ली की आजादपुर मंडी के पोटाटो मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष त्रिलोकचंद शर्मा ने बताया कि गर्मी बढ़ने से आलू की आवक भी बढ़ी है जबकि मांग कमजोर ही बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पंजाब और उत्तर प्रदेश से आलू की करीब 100 मोटरों की दैनिक आवक हो रही है, लेकिन इसके मुकाबले खपत राज्यों की मांग कमजोर है इसलिए दैनिक आधार पर 60 से 65 मोटरों ही बिक पा रही है। मौसम में गर्माहट बढ़ने से आलू की क्वालिटी प्रभावित होने के डर से किसानों ने बिकवाली बढ़ रही है। मंडी में उत्तर प्रदेश के आलू के भाव 250 से 330 रुपये बोरी (एक बोरी-50 किलो) और पंजाब के आलू के भाव 220 से 250 रुपये प्रति बोरी रह गए। पिछले साल इस समय मंडी में आलू के भाव 500 से 1,000 रुपये प्रति बोरी बिक रहे थे।

उत्पादन अनुमान ज्यादा

कृषि मंत्रालय के पहले आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू फसल सीजन 2018-19 में आलू का उत्पादन बढ़कर 525.89 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 513.10 लाख टन का उत्पादन हुआ था। चालू फसल सीजन में आलू की बुवाई 21.84 लाख हेक्टेयर में हुई थी जोकि पिछले साल के 21.42 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है।