Home एग्रीकल्चर एग्री ट्रेड गन्ना किसानों का बकाया बढ़कर 20 हजार करोड़ के पार, चीनी उत्पादन 16 लाख टन ज्यादा
गन्ना किसानों का बकाया बढ़कर 20 हजार करोड़ के पार, चीनी उत्पादन 16 लाख टन ज्यादा
गन्ना किसानों का बकाया बढ़कर 20 हजार करोड़ के पार, चीनी उत्पादन 16 लाख टन ज्यादा

गन्ना किसानों का बकाया बढ़कर 20 हजार करोड़ के पार, चीनी उत्पादन 16 लाख टन ज्यादा

पहली अक्टूबर 2018 से शुरू हुए चालू गन्ना पेराई सीजन 2018-19 (अक्टूबर से सितंबर) के 28 फरवरी तक गन्ना किसानों का बकाया बढ़कर 20,159 करोड़ रुपये पहुंच गया है। बकाया भुगतान बढ़ने से गन्ना किसानों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चीनी का उत्पादन चालू पेराई सीजन के पहले पांच महीनों में 15.91 लाख टन बढ़कर 247.68 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में 231.77 लाख टन का उत्पादन हुआ था।

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अनुसार चालू पेराई सीजन में मिलों द्वारा गन्ने की पेराई पहले आरंभ कर दी गई थी, जिस कारण अभी तक चीनी के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन चालू पेराई सीजन में कुल उत्पादन पिछले साल के 325 लाख टन से कम होकर 307 लाख टन होने का अनुमान है। देशभर में 466 चीनी मिलों में पेराई चल रही है जबकि पिछले साल इस समय 457 चीनी मिलों में पेराई चल रही थी।

महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी उत्पादन ज्यादा

इस्मा के अनुसार चालू पेराई सीजन में महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन पहली अक्टूबर 2018 से 28 फरवरी 2019 तक 92.10 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में राज्य में 84.54 लाख टन का उत्पादन हुआ था। उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सीजन में 73.20 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 73.61 लाख टन के करीब ही है। कर्नाटक में भी चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन बढ़कर 41.69 लाख टन का हो चुका है जोकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि के 33.92 लाख टन से ज्यादा है।

अन्य राज्यों में चीनी उत्पादन

अन्य राज्यों में तमिनाडु में 28 फरवरी तक चीनी का उत्पादन 4.70 लाख टन का, गुजरात में 8.80 लाख टन का, आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना में 5.70 लाख टन और बिहार में 5.75 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा तथा मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन क्रमश: 2.55 लाख टन, 4.60 लाख टन, 4.15 लाख टन और 4.10 लाख टन का हो चुका है।

चीनी मिलों को राहत देने के बावजूद बकाया भुगतान बढ़ा

उद्योग के अनुसार गन्ने के बकाया भुगतान में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार हाल ही चीनी मिलों को 10,000 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन का पैकेज देने के साथ ही चीनी के न्यूनतम बिक्री भाव (एमएसपी) को 29 रुपये से बढ़ाकर 31 रुपये प्रति किलो किया है। मार्च महीने का चीनी का कोटा बढ़ाकर 24.5 लाख टन करने से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है।