Home एग्रीकल्चर एग्री ट्रेड प्याज की कीमतों में 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक आई गिरावट, खुदरा में दाम अभी भी100 से ऊपर
प्याज की कीमतों में 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक आई गिरावट, खुदरा में दाम अभी भी100 से ऊपर
प्याज की कीमतों में 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक आई गिरावट, खुदरा में दाम अभी भी100 से ऊपर

प्याज की कीमतों में 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक आई गिरावट, खुदरा में दाम अभी भी100 से ऊपर

कई शहरों में उपभोक्ताओं को भले ही प्याज अभी भी करीब 100 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदना पड़ रहा है लेकिन आजादपुर मंडी में इसकी कीमतों में 2,500 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का मदा आकर 2,500 से 6,000 क्विंटल रह गए है। महाराष्ट्र के साथ ही गुजरात की मंडियों में प्याज की लेट खरीफ फसल की आवक बढ़ी है, जिससे आगे इसकी कीमतों में और मंदा आने का अनुमान है।

प्याज ऑनियन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने आउटलुक को बताया कि महाराष्ट्र और गुजरात में लेट खरीफ प्याज की आवक बढ़ने से कीमतों में पिछले दस दिनों में ही करीब 2,500 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का मंदा आ चुका है। शनिवार को मंडी में इन राज्यों से नए प्याज के करीब 30 ट्रकों की आवक हुई, जो मंडी में 40 से 60 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। राजस्थान से प्याज की आवक करीब 2,000 कट्टों (एक कट्टा 40 किलो) की हुई, जिसका भाव मंडी में 30 से 55 रुपये रहा। आयातित प्याज की आवक 20 ट्रकों की हुई जिसका भाव मंडी में 25 से 30 रुपये प्रति किलो रहा। उन्होंने बताया कि प्याज की दैनिक आवक आगे और बढ़ेगी, जिससे मौजूदा कीमतों में और गिरावट आयेगी। उन्होंने बताया कि भारतीय स्वाद नहीं होने के साथ ही बड़े आकार की वजह से आयातित प्याज में मांग कमजोर है इसलिए इसकी मांग सिर्फ होटलों से ही आ रही है।

महाराष्ट्र की मंडियों में बढ़ी आवक, कीमतों में आया मंदा

बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) के अनुसार महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में अच्छी क्वालिटी के प्याज का भाव तीन जनवरी को 47.90 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि दैनिक आवक 20,294 क्विंटल की हुई। 24 दिसंबर को मंडी में प्याज का भाव 83.01 रुपये प्रति किलो था जबकि दैनिक आवक केवल 12,270 क्विंटल की हुई थी। राज्य की पीपलगांव में अच्छी क्वालिटी के प्याज का भाव 50.02 रुपये प्रति किलो रहा तथा दैनिक आवक 13,181 क्विंटल की हुई। 24 दिसंबर को मंडी में प्याज का भाव 75.13 रुपये प्रति किलो था जबकि दैनिक आवक 12,960 क्विंटल की हुई थी। पुणे मंडी में तीन जनवरी को प्याज की दैनिक आवक 23,000 क्विंटल की हुई तथा भाव 45 रुपये प्रति किलो रहा। गुजरात की सूरत मंडी में शनिवार को प्याज के भाव 17.50 से 55 रुपये प्रति किलो रहे जबकि दैनिक आवक 2,475 क्विंटल की हुई।

कई शहरों में अभी भी कीमतें 100 रुपये

उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अनुसार शनिवार को दिल्ली में प्याज के खुदरा भाव 84 रुपये प्रति किलो रहे लेकिन धर्मशाला में भाव 100 रुपये और शिमला में 110 रुपये प्रति किलो रहे। बंगुलरु में शनिवार को प्याज के भाव 105 रुपये प्रति किलो रहे। प्याज की कीमतों को काबू करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 दिसंबर को खुदरा विक्रेताओं के लिए प्याज के स्टॉक की लिमिट को 5 टन से घटाकर 2 टन कर दिया था साथ ही केंद्र ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया है कि प्याज की कीमतों को काबू में रखने के लिए जमाखोरी से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाएं। केंद्र सरकार ने हाल ही में प्याज के बफर स्टॉक को एक लाख कर दिया है, जबकि पिछले रबी सीजन में नेफेड ने 57,000 टन प्याज का स्टॉक किया था।

बेमौसम बारिश से फसल को हुआ था नुकसान

कृषि मंत्रालय के अनुसार उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश और बाढ़ से प्याज की खरीफ फसल को भारी नुकसान हुआ। चालू खरीफ और लेट खरीफ में इसका उत्पादन घटकर 52.06 लाख टन ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल खरीफ और लेट खरीफ में उत्पादन 69.91 लाख टन का हुआ था।