Home एग्रीकल्चर एग्री ट्रेड महाराष्ट्र और गुजरात से प्याज की आवक बढ़ी, थोक दाम 40 रुपये से नीचे
महाराष्ट्र और गुजरात से प्याज की आवक बढ़ी, थोक दाम 40 रुपये से नीचे
महाराष्ट्र और गुजरात से प्याज की आवक बढ़ी, थोक दाम 40 रुपये से नीचे

महाराष्ट्र और गुजरात से प्याज की आवक बढ़ी, थोक दाम 40 रुपये से नीचे

महाराष्ट्र और गुजरात से प्याज की आवक बढ़ने लगी है, जिससे थोक में भाव घटकर 15 से 40 रुपये प्रति किलो रह गए हैं। हालांकि देश के कई हिस्सों में खुदरा दाम अब भी 70-90 रुपये प्रति किलो बने हुए हैं। चालू महीने के अंत तक आवक और बढ़ेगी, जिससे थोक कीमतों में और 10 से 15 रुपये प्रति किलो की गिरावट आने का अनुमान है।

ऑनियन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने आउटलुक को बताया कि महाराष्ट्र और गुजरात से प्याज की देर से आने वाली फसल की आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट आई है। पिछले दस दिनों में ही इसकी थोक कीमतों में 20 रुपये प्रति किलो से ज्यादा का मंदा आ चुका है। मंगलवार को आजादपुर मंडी में महाराष्ट्र और गुजरात से प्याज की आवक 25 ट्रकों की हुई तथा भाव 35 से 40 रुपये प्रति किलो रहे। राजस्थान से प्याज की आवक करीब 80 से 100 कट्टों (एक कट्टा 40 किलो) की हुई, जिसका भाव मंडी में 25 से 30 रुपये प्रति किलो रहा। आयातित प्याज की आवक 10 ट्रकों की हुई जिसका भाव मंडी में 15 से 20 रुपये प्रति किलो रहा।

आयातित प्याज की क्वालिटी हल्की

आयातित प्याज की क्वालिटी हल्की है, इसमें भारतीय प्याज जैसा स्वाद नहीं होने के साथ ही बड़े आकार की वजह से इसकी मांग सिर्फ होटलों से ही आ रही है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में महाराष्ट्र और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश से भी प्याज की आवक बढ़ेगी, जिससे इसके मौजूदा भाव में चालू महीने में 10 से 15 रुपये प्रति किलो की और गिरावट आने का अनुमान है।

आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट

बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) के अनुसार महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में अच्छी क्वालिटी के प्याज का भाव 13 जनवरी को 31.95 रुपये प्रति किलो रहा जबकि 24 दिसंबर को भाव 83.01 रुपये प्रति किलो था। 13 जनवरी को मंडी में प्याज की आवक 11,000 क्विंटल की हुई। राज्य की पुणे मंडी में 13 जनवरी को प्याज का भाव 10 से 32 रुपये प्रति किलो रहा, तथा दैनिक आवक 18,287 क्विंटल की हुई। गुजरात की राजकोट मंडी में भाव 10 से 28.55 रुपये तथा सूरत मंडी में 20 से 40 रुपये प्रति किलो रहे जबकि आवक क्रमश: 1,700 और 1,460 क्विंटल की हुई। बंगलुरु मंडी में प्याज की आवक 39,128 क्विंटल की हुई तथा भाव 25 से 32 रुपये प्रति किलो रहे।

सरकार 22 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेच रही है

केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने मंगलवार को बताया कि सरकार अब तक 18 हजार टन प्याज का आयात कर चुकी है लेकिन सभी प्रयासों के बाद भी अब तक मात्र 2,000 टन प्याज की बिक्री हो पाई है। उन्होंने कहा कि कहा कि सरकार लोगों को महंगाई से राहत देने अब मात्र 22 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेच रही है।

थोक में प्याज के दाम घटे

उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अनुसार मंगलवार को दिल्ली में प्याज के खुदरा भाव मंगलवार को 55 रुपये प्रति किलो रहे, जबकि चार जनवरी को इसके भाव 84 रुपये प्रति किलो थे। अमृतसर में खुदरा दाम मंगलवार को 70 रुपये, हल्द्वानी में 95 रुपये और शिमला में 80 रुपये प्रति किलो रहे। इंदौर में प्याज के भाव 45 रुपये और अहमदाबाद में 80 रुपये प्रति किलो रहे। प्याज की कीमतों को काबू करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 दिसंबर को खुदरा विक्रेताओं के लिए प्याज के स्टॉक की लिमिट को 5 टन से घटाकर 2 टन कर दिया था। इसके अलावा केंद्र सरकार ने हाल ही में प्याज के बफर स्टॉक को एक लाख टन कर दिया है, जबकि पिछले रबी सीजन में नेफेड ने 57,000 टन प्याज का स्टॉक किया था।

राज्य सरकारों ने अपनी मांग वापस ली

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सितंबर में 744 टन, अक्टूबर में 6,305 टन और नवंबर में 10,142 टन प्याज का आयात हुआ है। सार्वजनिक कंपनी एमएमटीसी अभी तक करीब 41,950 टन प्याज आयात के सौदे कर चुकी है। इसके साथ निजी कारोबारियों ने भी कई हजार टन प्याज का आयात किया है। उन्होंने बताया कि प्याज की कीमतों में आई गिरावट के कारण राज्य सरकारों ने आयातित प्याज की अपनी मांग वापस ले ली है।