Home एग्रीकल्चर एग्री ट्रेड उचित भाव नहीं मिलने से परेशान आलू किसानों पर पड़ी ओलावृष्टि की मार
उचित भाव नहीं मिलने से परेशान आलू किसानों पर पड़ी ओलावृष्टि की मार
उचित भाव नहीं मिलने से परेशान आलू किसानों पर पड़ी ओलावृष्टि की मार

उचित भाव नहीं मिलने से परेशान आलू किसानों पर पड़ी ओलावृष्टि की मार

आलू किसानों पर दोहरी मार पड़ी है, उचित भाव नहीं मिलने से पहले से ही परेशान आलू किसानों की फसल को ओलावृष्टि ने चौपट कर दिया है। हाल ही में उत्तर भारत के कई राज्यों में हुई ओलावृष्टि से सेकड़ों एकड़ में आलू की फसल खराब हो गई।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहचौला गांव के आलू किसान अंबुज शर्मा ने बताया कि 2 एकड़ में आलू की फसल लगा रखी थी, जिसमें से एक एकड़ की फसल खेत में ही खड़ी थी। उन्होंने बताया कि पहले हमें कीमतों ने मारा और अब ओलावृष्टि ने फसल को बर्बाद कर दिया। उन्होंने बताया कि दिल्ली की आजादपुर मंडी में आलू का भाव घटकर 300 से 500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए है जिससे मजूदरी और परिवहन लागत भी नहीं निकल रही है। टूंडला तहसील के गांव नागऊ निवासी किसान बॉबी यादव ने बताया कि पहले बारिश हुई जिससे आलू की फसल से मिट्टी हट गई, उसके बाद ओलावृष्टि से फसल खराब हो गई। उन्होंने बताया कि पहले ही आलू की कीमतें काफी कम हैं, अब दागी फसल को कहा बेचेंगे।

पंजाब के लुधियाना के आलू किसान धर्मेंद्र गिल ने बताया कि उन्होंने पांच एकड़ में आलू की फसल लगा रखी थी। ओलावृष्टि से 60 से 70 फीसदी फसल की क्वालिटी खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि ओलावृष्टि से आस-पास के दर्जनों गांव में आलू की फसल को नुकसान हुआ है।

आलू की दैनिक आवक ज्यादा

दिल्ली की आजादपुर मंडी के पोटेटो ऐंड अनियन मर्चेंट एसोसिएशन (पोमा) के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने बताया कि आलू की दैनिक आवक ज्यादा है, जबकि आवक के मुकाबले मांग कमजोर है। मंडी में आलू के भाव 300 से 500 रुपये प्रति क्विंटल हैं जबकि दैनिक आवक 75 से 80 ट्रकों की हो रही है। उन्होंने बताया कि इस समय उत्तर प्रदेश के साथ ही पंजाब और हरियाणा से नए आलू की आवक हो रही है।

उत्पादन ज्यादा होने का अनुमान

कृषि मंत्रालय के पहले आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2018-19 में आलू का उत्पादन 6 फीसदी बढ़कर 5.28 करोड़ टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल देश में 5.13 करोड़ टन का उत्पादन हुआ था। राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान आलू का निर्यात 3,07,409 टन का हुआ है जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में 2,55,725 टन का निर्यात हुआ था।