Home एग्रीकल्चर एग्री ट्रेड सरकार ने एक लाख टन मक्का आयात को दी मंजूरी, कीमतों पर पड़ेगा असर
सरकार ने एक लाख टन मक्का आयात को दी मंजूरी, कीमतों पर पड़ेगा असर
सरकार ने एक लाख टन मक्का आयात को दी मंजूरी, कीमतों पर पड़ेगा असर

सरकार ने एक लाख टन मक्का आयात को दी मंजूरी, कीमतों पर पड़ेगा असर

मक्का के दाम समर्थन मूल्य से उंचे के कारण किसानों को उम्मीद थी कि इस बारे उन्हें उचित भाव मिलेगा, लेकिन सरकार ने उद्योग की मांग को देखते रियायती दर पर एक लाख टन मक्का के आयात की अनुमति दे दी है जिसका असर मक्का की कीमतों पर पड़ने की आशंका है। वैसे भी चालू महीने के मध्य तक बिहार, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में मक्का की नई मक्का की आवक शुरू हो जायेगी।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पोल्ट्र उद्योग की मांग को पूरी करने के लिए 15 फीसदी के आयात शुल्क की दर पर एक लाख टन मक्का के आयात की अनुमति दी है। इस मक्का का उपयोग पोल्ट्री फीड में ही होगी तथा उपयोगकर्ता कंपनियां को ही आयात की अनुमति दी जायेगी। डीजीएफटी के अनुसार तात्कालिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, कुछ निश्चित छूट और शर्तो के साथ ‘फीड ग्रेड’ मक्का को शूल्क दर कोटा (टैरिफ रेट कोटा) के तहत आयात करने की अनुमति दी गई है।

डीजीएफटी के अनुसार यह निर्णय पोल्ट्री क्षेत्र के कई प्रतिनिधियों से प्राप्त सूचना के उपरांत लिया गया है। पॉल्ट्री उद्योग ने कीट के हमले और मक्के की खेती के रकबे में कमी के चलते फ़ीड ग्रेड मक्का की अपूर्ति में कमी का उल्लेख करते हुए आयात में छूट की मांग की थी। उन्होंने शून्य शुल्क पर मक्का आयात की छूट दिए जाने का अनुरोध किया था।

यूक्रेन से हो सकता है आयात

यूएस ग्रेन काउंसिल के भारतीय प्रतिनिधि अमित सचदेव ने बताया कि सरकार ने एक लाख टन मक्का आयात की अनुतति दी है। आयात की मात्रा कम होने के कारण इसका कीमतों पर केवल आंशिक असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि यूक्रेन की मक्का का भाव 170 से 175 डॉलर प्रति टन (एफओबी) है तथा इसका भाव 205 से 210 डॉलर (सीएंडएफ) होगा। दक्षिण भारत के पोल्ट्री फीड निर्माताओं को यह मक्का 1,800 से 1,900 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच बैठेगी। उन्होंने बताया कि अमेरिका और ब्राजील में जीएम मक्का है, इसलिए इन देशों से आयात की संभावना नहीं है। वर्ष 2015 में भी केंद्र सरकार ने पांच लाख टन मक्का के आयात की अनुमति दी थी, लेकिन आयात हुआ था केवल 2.5 लाख टन।

अगले सप्ताह नई फसल की बनेगी आवक

मक्का कारोबारी राजेश गुप्ता ने बताया कि बिहार की मंडियों में चालू महीने के मध्य तक नई फसल की आवक शुरू हो जायेगी, जबकि आयातित मक्का की खेप मई में ही आने का अनुमान है। मई में घरेलू मंडियों में भी आवक ज्यादा होगी, जिससे भाव में मंदा आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बिहार की मंडियों में मक्का के भाव 2,100 से 2,150 रुपये प्रति क्विंटल हैं। दिल्ली के नया बाजार में मक्का का भाव 2,300 से 2,350 रुपये प्रति क्विंटल है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2018-19 के लिए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1,700 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।

रबी में उत्पादन अनुमान कम

कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2018-19 में रबी सीजन में मक्का का उत्पादन 75.8 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल रबी में 76.3 लाख टन का उत्पादन हुआ था। देश में खरीफ में मक्का का ज्यादा उत्पादन होता है। फसल सीजन 2018-19 में खरीफ और रबी सीजन को मिलाकर कुल उत्पादन 278 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 271.4 लाख टन का उत्पादन हुआ था।