Home एग्रीकल्चर एग्री ट्रेड खाद्यान्न उत्पादन 28.33 करोड़ टन होने का अनुमान, गेहूं और चावल का रिकार्ड उत्पादन
खाद्यान्न उत्पादन 28.33 करोड़ टन होने का अनुमान, गेहूं और चावल का रिकार्ड उत्पादन
खाद्यान्न उत्पादन 28.33 करोड़ टन होने का अनुमान, गेहूं और चावल का रिकार्ड उत्पादन

खाद्यान्न उत्पादन 28.33 करोड़ टन होने का अनुमान, गेहूं और चावल का रिकार्ड उत्पादन

चालू फसल सीजन 2018-19 में देश में खाद्यान्न का उत्पादन 28.33 करोड़ टन होने का अनुमान है जोकि पिछले साल के 27.74 करोड़ टन से ज्यादा है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के किसानों की आय दोगुनी हो, इसलिए हमें पारम्परिक खेती के आलावा समेकित खेती को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि चालू फसल सीजन 2018-19 के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार कुल खाद्यान्न उत्पादन 28.33 टन होने का अनुमान जोकि दूसरे आरंभिक अनुमान 27.74 करोड़ टन से ज्यादा है।

गेहूं और चावल का रिकार्ड उत्पादन का अनुमान

तीसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू सीजन में चावल का उत्पादन बढ़कर 11.56 करोड़ टन होने का अनुमान है जोकि दूसरे आरंभिक अनुमान के बराबर ही है। गेहूं का उत्पादन चालू रबी में रिकार्ड 10.12 करोड़ टन होने का अनुमान है जबकि दूसरे आरंभिक अनुमान में गेहूं के उत्पादन का अनुमान 9.91 करोड़ टन था। पिछले साल देश में गेहूं का 9.71 करोड़ टन का उत्पादन हुआ था।

दलहन उत्पादन में कमी का अनुमान

दलहन का चालू फसल सीजन 2018-19 के तीसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार उत्पादन 232.2 लाख टन होने का अनुमान है जोकि दूसरे आरंभिक अनुमान 240.2 लाख टन से कम है। फसल सीजन 2017-18 में देश में दालों का 239.5 लाख टन का उत्पादन हुआ था। मक्का का उत्पादन 278.2 लाख टन होने का अनुमान है। चालू फसल सीजन में चना का उत्पादन 100.9 लाख टन और अरहर का उत्पादन 35 लाख टन होने का अनुमान है। चना के साथ ही अरहर का उत्पादन पिछले साल की तुलना में कम होने का अनुमान है।

तिलहन में सरसों और सोयाबीन का उत्पादन ज्यादा

तिलहन में सोयाबीन का उत्पादन तीसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार 137.4 लाख टन और सरसों का 87.8 लाख टन होने का अनुमान है। मूंगफली का उत्पादन 65 लाख टन होने का अनुमान है। कपास का उत्पादन 275.9 लाख टन होने का अनुमान है।

पूसा बासमती चावल 1,121 का निर्यात बढ़ा

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि अनुसंधान व शिक्षा विभाग (डेयर) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधिकारियों के संग बैठक की। इस अवसर पर महानिदेशक ने बताया कि वर्ष 2006 से 2016 के दौरान 1.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य का पूसा बासमती चावल 1,121 का निर्यात किया गया है।  गन्ने की किस्म सीओ 238 जिसमें 12 फीसदी चीनी है, का उत्पादन 28,795 करोड़ रुपये का हो गया।