Home एग्रीकल्चर एग्री ट्रेड चालू पेराई सीजन में एथेनॉल ब्लेंडिंग 7.4 फीसदी होने की उम्मीद, पिछले साल से ज्यादा
चालू पेराई सीजन में एथेनॉल ब्लेंडिंग 7.4 फीसदी होने की उम्मीद, पिछले साल से ज्यादा
चालू पेराई सीजन में एथेनॉल ब्लेंडिंग 7.4 फीसदी होने की उम्मीद, पिछले साल से ज्यादा

चालू पेराई सीजन में एथेनॉल ब्लेंडिंग 7.4 फीसदी होने की उम्मीद, पिछले साल से ज्यादा

चालू गन्ना पेराई सीजन 2018-19 में एथेनॉल ब्लेंडिंग 7.4 फीसदी के करीब होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.22 फीसदी से ज्यादा है। पहली अक्टूबर 2018 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन 2018-19 (अक्टूबर से सितंबर) के लिए तेल कंपनियां 29 जुलाई 2019 तक 244.7 करोड़ लीटर एथेनॉल खरीद के सौदे कर चुकी हैं जबकि 10 फीसदी अनिवार्य ब्लेंडिंग के लिए 329.3 करोड़ लीटर एथेनॉल की जरूरत होगी। जुलाई अंत तक चीनी मिलों ने तेल कंपनियों को 150.1 करोड़ लीटर एथेनॉल की ही सप्लाई की है।

केंद्र सरकार कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के मकसद से एथेनॉल का उत्पादन एवं खपत बढ़ाने के लिए मिलों को राहत दे रही है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चालू पेराई सीजन में एथेनॉल की अनिवार्य सप्लाई 10 फीसदी में से साढ़े सात फीसदी के करीब होने का अनुमान है जबकि पेराई सीजन में 4.22 फीसदी थी।

अनिवार्य 10 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग के लिए अभी करना होगा इंतजार

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन आफ इंडिया (इस्मा) के अनुसार अनिवार्य 10 फीसदी ब्लेंडिंग के लिए 329.3 करोड़ लीटर एथेनॉल की जरूरत होगी, जबकि चालू पेराई सीजन में चीनी मिलों ने जुलाई तक तेल कंपनियों के साथ 244.7 करोड़ लीटर एथेनॉल सप्लाई का अनुबंध किया है। इसमें से 150.1 करोड़ लीटर एथेनॉल की सप्लाई 29 जुलाई तक की जा चुकी है। पिछले गन्ना पेराई सीजन 2017-18 में चीनी मिलों ने तेल कंपनियों के साथ 160 करोड़ लीटर एथेनॉल सप्लाई के अनुबंध किए थे, जिसमें से सप्लाई केवल 150 करोड़ लीटर की ही हुई थी।

उद्योग के अनुसार गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने के लिए मिलों द्वारा उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है लेकिन 10 फीसदी अनिवार्य ब्लेंडिंग के एथेनॉल की सप्लाई अगले सीजन में भी पूरी होने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि सूखे के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ने के उत्पादन में कमी आने का अनुमान है।

बी-ग्रेड एथेनॉल के भाव में की थी बढ़ोतरी

सितंबर 2018 में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने एथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। इसके तहत सीधे गन्ने के रस से बनने वाले बी-ग्रेड एथेनॉल का भाव 47.13 रुपये से बढ़ाकर 52.43 रुपये प्रति लीटर कर दिया था। शीरे से बनने वाले सी-ग्रेड एथेनॉल का मूल्य 43.70 रुपये से घटाकर 43.46 रुपये प्रति लीटर किया गया था। केंद्र सरकार ने चीनी उद्योग को जून 2018 में 8,500 करोड़ रुपये का पैकेज देने की घोषणा की थी। इसमें 4,440 करोड़ रुपये सस्ते कर्ज के रूप में एथेनॉल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए दिए गए थे।

गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने पर सरकार का जोर

खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार देश में 9,106 करोड़ रुपये की 174 एथेनॉल परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। पहले चरण में 2,369 करोड़ रुपये की 34 परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में बनेंगी। दूसरे चरण में 563 करोड़ रुपये की छह परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के लिये स्वीकृत हुई हैं।