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सस्ते आयातित खाद्य तेलों की मार सरसों किसानों पर
सस्ते आयातित खाद्य तेलों की मार सरसों किसानों पर

सस्ते आयातित खाद्य तेलों की मार सरसों किसानों पर

सस्ते खाद्य तेलों के बढ़ते आयात की मार सरसों किसानों पर पड़ रही है। किसान उत्पादक मंडियों में सरसों समर्थन मूल्य से 600 से 700 रुपये प्रति क्विंटल नीचे भाव पर बेचने को मजबूर है, जबकि मार्च में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 26 फीसदी बढ़कर 14,46,557 टन का हो गया।

हरियाणा की बहादुरगढ़ मंडी में सरसों किसान योगेंद्र की सरसों 3,500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिकी, जबकि केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन 2019-20 के लिए सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। राजस्थान और हरियाणा से सरसों की एमएसपी पर खरीद तो हो रही है, लेकिन उत्पादक मंडियों में दैनिक आवक की तुलना में खरीद सीमित मात्रा में होने के कारण किसानों को व्यापारियों को औने-पौने दाम पर सरसों बेचनी पड़ रही है। राजस्थान की कोटा मंडी के सरसों कारोबारी भानू जैन ने बताया कि मंडी में सरसों की दैनिक आवक 15 से 18 हजार बोरी की हो रही है तथा मंडी में सरसों 3,500 से 3,600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है।

समर्थन मूल्य पर खरीद नाममात्र की

नेफेड ने चालू रबी सीजन में समर्थन मूल्य पर 11 अप्रैल तक 1.63 लाख टन सरसों की खरीद ही की है, इसमें हरियाणा से 1.40 लाख टन, राजस्थान से 22,703 टन और मध्य प्रदेश से मात्र 215 सरसों खरीदी गई है। कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान फसल सीजन 2018-19 में देश में सरसों की रिकार्ड पैदावार 83.97 लाख टन होने का अनुमान है। फसल सीजन 2017-18 में सरसों का उत्पादन 75.40 लाख टन का ही हुआ था।

चालू तेल वर्ष के पहले पांच महीनों में आयात 6 फीसदी ज्यादा

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) के अनुसार मार्च में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 26 फीसदी बढ़कर 14,46,557 टन का हुआ है जबकि पिछले साल मार्च में 11,46,051 टन का ही आयात हुआ था। चालू तेल वर्ष 2018-19 (नवंबर-18 से मार्च-19) के पहले पांच महीनों नवंबर से मार्च के दौरान खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 6 फीसदी बढ़कर 63,09,406 टन का हो चुका है जबकि पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में इनका आयात 59,31,829 टन का हुआ था।

आयातित खाद्य तेल सस्ते 

विश्व बाजार में खाद्य तेलों की उपलब्धता ज्यादा होने के कारण आयातित खाद्य तेलों की कीमतों में मंदा आया है। आरबीडी पॉमोलीन का भाव भारतीय बंदरगाह पर मार्च में घटकर औसतन 559 डॉलर प्रति टन रह गया जबकि फरवरी में इसका भाव 585 डॉलर प्रति टन था। पिछले साल मार्च में इसका भाव 678 डॉलर प्रति था। क्रुड पॉम तेल का भाव मार्च 2019 में घटकर भारतीय बंदरगाह पर 520 डॉलर प्रति टन रह गया, जबकि फरवरी में इसका भाव 550 डॉलर प्रति टन था। पिछले साल मार्च 2018 में क्रुड पॉम तेल का भाव 671 डॉलर प्रति टन था। क्रुड सोयाबीन तेल का भाव फरवरी में भारतीय बंदरगाह पर 760 डॉलर प्रति टन था, जोकि मार्च में घटकर 711 डॉलर प्रति टन रह गया।