Home एग्रीकल्चर एग्री ट्रेड यूपी में गन्ना किसानों का 8447 करोड़ रुपये बकाया, नए सीजन की कड़वी शुरूआत
यूपी में गन्ना किसानों का 8447 करोड़ रुपये बकाया, नए सीजन की कड़वी शुरूआत
यूपी में गन्ना किसानों का 8447 करोड़ रुपये बकाया, नए सीजन की कड़वी शुरूआत

यूपी में गन्ना किसानों का 8447 करोड़ रुपये बकाया, नए सीजन की कड़वी शुरूआत

अक्टूबर से गन्ने का 2020-21 का नया सीजन शुरू हो गया है। लेकिन उत्तर प्रदेश में किसानों का बकाया खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। 30 सितंबर 2021 तक यूपी की मिलों पर गन्ना किसानों का करीब 8447 करोड़ रुपये बकाया है। किसानों ने 2019-20 में जो गन्ना चीनी मिलों को बेचा था, उसका अभी तक पूरा भुगतान नहीं हो पाया है। पिछले सीजन में अक्टूबर से सितंबर के दौरान प्रदेश की चीनी मिलों ने 1118 लाख टन गन्ने की पेराई की थी। राज्य सरकार द्वारा तय की गई कीमत (एसएपी) 315-325 रुपये क्विंटल के आधार पर चीनी मिलों ने करीब 35898 करोड़ रुपये की गन्ना खरीद किसानों से की थी। लेकिन उन्होंने अभी तक किसानों के केवल 27451.05 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया है। अहम बात यह है कि चीनी मिलों पर किसानों का बकाया घटने की जगह बढ़ गया है। पिछले सीजन में 4941.83 करोड़ रुपये का बकाया था। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार बार-बार गन्ना किसानों के बकाए को जल्द से जल्द देने की बात दोहराती रहती है।

निजी मिलों पर 90 फीसदी से ज्यादा बकाया

 मिली जानकारी के अनुसार 8448 करोड़ रुपये में से 90 फीसदी से ज्यादा रकम निजी मिलों पर बकाया है। निजी चीनी मिलों पर 7707 करोड़ रुपये का बकाया है । जबकि कॉरपोरेशन और कोऑपरेटिव पर शेष राशि बकाया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2019-20 के सीजन के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय की गई एफआरपी की तुलना में एसएपी 40-55 रुपये ज्यादा तय किया था। केंद्र सरकार ने गन्ने पर पर जहां 275 प्रति क्विंटल एफआरपी तय की थी, वहीं प्रदेश सरकार ने 315-325 रुपये एसएपी तय की थी।

चीनी मिलें

 

(एस.ए.पी. पर आधारित मूल्य)

  भुगतान

(करोड़ रुपये)

 

 बकाया

(करोड़ रुपये)

कॉरपोरेशन

485.01

354.90

130.10

कोऑपरेटिव

3123.63

2513.76

609.87

निजी

32289.50

24582.38

7707.12

कुल

35898.15

27451.05

8447.10