Anger is the milk producer, The danger of a crisis in the state : Outlook Hindi

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गुस्से में हैं महाराष्ट्र के दूध उत्पादक, राज्य में संकट गहराने की आशंका

JUL 17 , 2018

 राज्य सरकार से दूध उत्पादकों को पांच रुपये सब्सिडी देने की मांग पर दूसरे दिन भी पूरे महाराष्ट्र में किसानों ने आपूर्ति बंद रखी। प्रदर्शनकारियों ने कई जिलों में दूध के टैंकरों का आवागमन बाधित किया, साथ ही दूसरे राज्यों से आपूर्ति को भी बंद कर दिया। इससे राज्य में दूध की किल्लत बढ़ने की आशंका है।

आंदोलन की अगुआई कर रहे स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता और लोकसभा सांसद राजू शेट्टी ने कहां कि जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मानेगी, तब तक आपूर्ति बंद रहेगी। उन्होंने कहा कि गुजरात और कर्नाटक से भी हमने आपूर्ति बंद कर दी है। दूसरे राज्यों से आने वाले सभी सड़क मार्गों को हमने बंद कर दिया है। अगर राज्य सरकार दूसरे राज्यों से रेल से दूध लेकर आयेगी, तो फिर रेल को भी रोक दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि कल जो आगजनी की घटना हुई थी, वह दूसरे राज्यों से आने वाले दूध के टेंकर के साथ ही हुई थी। पूरे महाराष्ट्र से कल और आज सुबह दूध का संग्रहण नहीं हुआ है, किसानों ने दूध की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी है। इसलिए राज्य के कई शहरों में दूध की कमी हो गई है।

उन्होंने बताया कि किसानों को दूध की लागत 30 रुपये प्रति लीटर की आ रही है जबकि किसानों को केवल 17 से 20 रुपये प्रति लीटर का दाम ही दिया जा रहा है। बाज़ार में यही दूध 42 से 45 रुपये की कीमत में बेचा जाता है। इसीलिए हमने राज्य सरकार से सब्सिडी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, केरल और गोवा में राज्य सरकारें किसानों को सब्सिडी दे रही हैं।

सूत्रों के अनुसार आंदोलनकारियों ने लाखों लीटर दूध से लदे टैंकरों को पुणे, नासिक, कोल्हापुर, सांगली, बीड, पालघर, बुलढाणा, औरंगाबाद और सोलापुर के रास्तों में रोक दिया तथा उन्हें सड़कों पर ही खाली करा दिया गया।

विपक्षी दल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और अन्य ने आंदोलनकारियों को अपना समर्थन दिया। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के नेता हार्दिक पटेल ने भी इस प्रदर्शन के अगुआ स्वाभिमानी शेतकारी संगठन (एसएसएस) के प्रमुख राजू शेट्टी को अपना समर्थन ज़ाहिर किया है। दूध उत्पादकों के आंदोलन के समर्थन में आज विपक्ष ने विधानसभा से वाकआउट किया।


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