Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस सप्ताह भर में गन्ने का एसएपी तय करेगी उत्तराखंड सरकार
सप्ताह भर में गन्ने का एसएपी तय करेगी उत्तराखंड सरकार
सप्ताह भर में गन्ने का एसएपी तय करेगी उत्तराखंड सरकार

सप्ताह भर में गन्ने का एसएपी तय करेगी उत्तराखंड सरकार

उत्तराखंड सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश में गन्ना मूल्य निर्धारण के लिए परामर्श समिति का गठन किया जा चुका है और उसकी रिपोर्ट प्राप्त होते ही इस पेराई सत्र के लिये गन्ने का मूल्य घोषित कर दिया जायेगा ।

राज्य विधानसभा में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और पेराई सत्र आरंभ होने के बावजूद उसका मूल्य घोषित न किये जाने के संबंध में विपक्षी कांग्रेस सदस्यों द्वारा उठाये गये मामले का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य निर्धारण परामर्श समिति का गठन हो चुका है और उसके रिपोर्ट देते ही प्रदेश में गन्ने का मूल्य घोषित कर दिया जायेगा। विपक्ष द्वारा समय सीमा निर्धारित किये जाने पर जोर देते हुए कौशिक ने कहा कि अगर आज ही रिपोर्ट मिल जाती है तो कल गन्ना मूल्य घोषित हो जायेगा। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा हफते भर के भीतर गन्ना मूल्य की घोषणा हो जायेगी।

राज्य के गन्ना किसानों को एसएपी के हिसाब से होगा भुगतान

कौशिक ने कांग्रेस सदस्य काजी निजामुद्दीन की उस चिंता को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा घोषित उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) तथा गन्ने की रिकवरी रेट को बढ़ाए जाने के आधार पर प्रदेश में मूल्य घोषित होने से गन्ना किसानों को होने वाले नुकसान का अंदेशा जताया था। मंत्री ने कहा कि हम भारत सरकार के एफआरपी पर नहीं बल्कि प्रदेश में घोषित होने वाले गन्ना मूल्य पर किसानों को भुगतान करेंगे। हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि गन्ने की रिकवरी रेट बढ़ाये जाने का कोई असर प्रदेश के किसानों पर नहीं पड़ेगा और उनके भुगतान से कोई कटौती नहीं की जायेगी। मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि गन्ना मूल्य निर्धारण से पहले ही चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति कर चुके गन्ना किसानों को भी उनकी उपज का वही मूल्य मिलेगा जो घोषित किया जायेगा।

गन्ना किसानों के 58 करोड़ रुपये के बकाये के भुगतान पर जोर

कौशिक ने कहा कि प्रदेश के गन्ना किसानों के 58 करोड़ रुपये के बकाये के यथाशीघ्र भुगतान की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के हित के लिए एक दूरगामी योजना बनाते हुए उत्तराखंड चीनी संघ के माध्यम से एथेनॉल प्लांट लगाने का भी फैसला लिया है। कांग्रेस सदस्य निजामुददीन ने इस मुददे को उठाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों की वजह से गन्ना उगाने की लागत में बहुत इजाफा हो गया है और भुगतान समय पर न होने से किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हैं।