Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस तीसरे कृषि रोडमैप से राज्य के किसानों को फायदा होगा : जदयू
तीसरे कृषि रोडमैप से राज्य के किसानों को फायदा होगा : जदयू
तीसरे कृषि रोडमैप से राज्य के किसानों को फायदा होगा : जदयू

तीसरे कृषि रोडमैप से राज्य के किसानों को फायदा होगा : जदयू

बिहार में सत्तरारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की अध्यक्षता में शुरू हुए तीसरे कृषि रोडमैप से राज्य के किसानों को फायदा होगा।

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि तीसरे कृषि रोडमैप के तहत पांच वर्ष में 12 विभागों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं पर 1.54 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तीसरे कृषि रोडमैप का लक्ष्य किसानों की आमदनी को बढ़ाना है। इसके लिए हर क्षेत्र में काम किया गया है। कृषि रोडमैप के तहत लक्ष्य है कि देश की हर थाली में एक बिहारी व्यंजन अवश्य हो।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार का समग्र विकास हो रहा है। बिहार विकास पथ पर तेज गति से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2017 में तीसरे कृषि रोडमैप की शुरुआत की गई थी। इसके अंतर्गत कृषि, बिजली, सड़क और अन्य चीजों के विकास की योजनाएं बनायी गई हैं। इस रोडमैप से राज्य के किसानों को जबरदस्त लाभ होगा।

राज्य के 76 फीसदी लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर

बिहार की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और किसान जो हमारे अन्नदाता हैं उनके लिए सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं जिनमें कृषि रोडमैप सबसे प्रमुख है। बिहार के लगभग 93.60 लाख हेक्टेयर भूमि में 79.46 लाख हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है। यहां 76 फीसदी लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि का 18 फीसदी योगदान है। राज्य के किसानों की आमदनी को बढ़ाने, फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के लिए सरकार ने सकारात्मक कदम उठाए और इसके लिए वर्ष 2008 में पहला कृषि रोडमैप तैयार किया गया था। वर्ष 2011 में दूसरे कृषि रोडमैप में 18 विभागों को सम्मिलित किया गया। इस रोडमैप में 2017 के लिए विस्तृत कार्यक्रम था तथा 2022 तक के लिए सांकेतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया। दूसरे कृषि रोडमैप से भी उत्पादन एवं उत्पादकता में व्यापक प्रगति हुई।

चावल एवं गेहूं उत्पादन में राज्य देश में छठे स्थान पर

बिहार को वर्ष 2012 में चावल, वर्ष 2013 में गेहूं तथा वर्ष 2016 में मक्का के उत्पादन में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए भारत सरकार द्वारा कृषि कर्मण पुरस्कार दिया गया। चावल एवं गेहूं उत्पादन में राज्य देश में छठे स्थान पर है। सब्जी उत्पादन में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है। राज्य लीची उत्पादन में देश में प्रथम, आम में चौथे, अमरुद में पांचवे एवं केला में छठे स्थान पर है। मखाना में देश के कुल उत्पादन का 85 फीसदी से अधिक का उत्पादन करके राज्य देश में पहले स्थान पर हैं। शहद उत्पादन में राज्य देश में दूसरे स्थान पर है। तीसरे कृषि रौडमैप में जैविक खेती के साथ अन्य कृषि जिंसों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

एजेंसी इनपुट