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तेलंगाना सरकार किसानों के लिए पीएमएफबीवाई को स्वैच्छिक बनाने की पक्षधर
तेलंगाना सरकार किसानों के लिए पीएमएफबीवाई को स्वैच्छिक बनाने की पक्षधर

तेलंगाना सरकार किसानों के लिए पीएमएफबीवाई को स्वैच्छिक बनाने की पक्षधर

तेलंगाना सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) को किसानों के लिए स्वैच्छिक करने की योजना के पक्ष में है। राज्य सरकार ने साथ ही किसानों को मिलने वाले बीमा के दावों में देरी और उंचे प्रीमियम का मुद्दा भी उठाया है।

सूत्रों के अनुसार पीएमएफबीवाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने किसानों के इसे स्वैच्छिक करने के साथ ही ऊंचे प्रीमियम वाली फसलों को हटाने और राज्यों को अपने राज्य की फसलों को इसमें शामिल करने पर राज्यों से सुझाव मांग थे। कृषि मंत्रालय ने राज्य स्तरीय फंड बनाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही बचत एक राष्ट्रीय स्तर के बीमा रिस्क पूल में शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया है जिससे लोगों की यह धारणा दूर होगी कि बीमा कंपनियां इस योजना से पैसा बना रही हैं।

भुगतान के दावों में देरी और दावे खारिज किए जाने से भी किसान नाराज

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार तेलंगाना सरकार ने कहा है कि किसानों के लिए पीएमएफबीवाई को स्वैच्छिक बनाना बेहतर होगा, क्योंकि कई फसलों में जोखिम कम होने के बावजूद भी किसानों को प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। स्वैच्छिक होने पर किसान को लगेगा कि इस इस फसल में जोखिम ज्यादा है, तथा प्रीमियम कम देना होगा तो वह स्वयं अपनी फसल का बीमा करायेगा। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि किसान बीमा कंपनियों द्वारा दावे के भुगतान में देरी एवं दावों को खरिज किए जाने से भी खुश नहीं हैं।

गैर-ऋणी किसानों की भागीदारी केवल 12 से 15 फीसदी

पीएमएफबीवाई में गैर-ऋणी किसानों की भागीदारी केवल 12 से 15 फीसदी ही है, जबकि बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों के लिए यह अनिवार्य है। इससे साफ है कि किसान की रुचि पीएमएफबीवाई में कम है। राज्य सरकार ने केंद्र को कहा कि कृषि और बैंकों के प्रयासों के बावजूद गैर-ऋणी किसानों का कवरेज काफी कम है, क्योंकि बीमा कंपनियों के पास ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा और जनशक्ति नहीं है। सूत्रों के अनुसार तेलंगाना सरकार ने सीजन शुरू होने से पहले केंद्र से कट-ऑफ तारीखों की घोषणा करने को कहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बीमा कंपनियां ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और आवश्यक श्रमशक्ति का निर्माण कर सके।

अप्रैल, 2016 में केंद्र सरकार ने की थी शुरू

अप्रैल, 2016 में लॉन्च पीएमएफबीवाई के तहत प्राकृतिक जोखिम के लिए खरीफ फसलों को 2 फीसदी, रबी फसलों को 1.5 फीसदी और बागवानी व वाणिज्यिक फसलों को 5 फीसदी के प्रीमियम पर बुआई पूर्व और बुआई बाद की अवधि के लिए बीमा योजना उपलब्ध कराई जाती है।

एजेंसी इनपुट