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राज्य सरकारें फल एवं सब्जियों की खरीद बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत करें
राज्य सरकारें फल एवं सब्जियों की खरीद बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत करें

राज्य सरकारें फल एवं सब्जियों की खरीद बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत करें

कोरोना वायरस के कारण देश में लाकडाउन के चलते बागवानी से जुड़े किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखा है कि जल्दी खराब होने वाली बागवानी फसलों फल एवं सब्जियों की खरीद राज्य सरकारें किसानों से बाजार हस्तक्षेप योजना के माध्यम से करे।

राज्य सरकारें किसानों की सहायता के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना का लाभ उठा सकती हैं। इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 8 अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों के कृषि मंत्रियों से किसानों के मुद्दों पर चर्चा की थी। इस दौरान कुछ राज्यों ने बागवानी से जुड़े विषय भी उठाए थे। मंत्रालय सभी राज्यों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कुछ राज्यों ने खराब होने वाली बागवानी फसलों की कम कीमतों पर चिंता व्यक्त की थी। इसे लेकर केंद्रीय कृषि विभाग ने सूचित किया है कि जल्दी खराब होने वाली कृषि और बागवानी फसलों के लिए पारिश्रमिक मूल्य सुनिश्चित करने हेतु बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) प्रभावी की गई है। बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के तहत ऐसी कृषि और बागवानी वस्तुओं की खरीद राज्य सरकारों द्वारा की जा सकती है, जो जल्दी खराब हो जाती है, जैसे कि फल एवं सब्जियां।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार नुकसान की 50 फीसदी तक करती हैं भरपाई

यह योजना राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकार के अनुरोध पर कार्यान्वित की जाती है, जो इसके कार्यान्वयन पर होने वाले नुकसान का 50 फीसदी (उत्तर-पूर्वी राज्यों के मामले में 25 फीसदी) वहन करने के लिए तैयार है। योजना के तहत, एमआईएस दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे कृषि उत्पादों का मूल्य, बाजार मूल्य से 10 फीसदी कम हो या फिर उत्पादन 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ जाए तो राज्य सरकारें इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। राज्यों की खरीद एजेंसियों द्वारा एक निश्चित अवधि के लिए तय बाजार हस्तक्षेप मूल्य पर निर्धारित की गई मात्रा की खरीद की जाती है, या फिर इसके तहत खरीद तब तक की जाती है जब तक दाम एमआईपी से ऊपर स्थिर नहीं हों। इसके तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को नुकसान की 50 फीसदी तक भरपाई की जाती है। इसमें बागवानी, फल-सब्जी वाले किसानों को इनकी उपज का सही दाम मिल सकेगा, इसलिए केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि यह योजना लागू करके बागवानी किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जाएं।