Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस खरीफ में चावल, सोयाबीन और दलहन का उत्पादन अनुमान कम, कपास का 23 फीसदी ज्यादा-स्काईमेट
खरीफ में चावल, सोयाबीन और दलहन का उत्पादन अनुमान कम, कपास का 23 फीसदी ज्यादा-स्काईमेट
खरीफ में चावल, सोयाबीन और दलहन का उत्पादन अनुमान कम, कपास का 23 फीसदी ज्यादा-स्काईमेट

खरीफ में चावल, सोयाबीन और दलहन का उत्पादन अनुमान कम, कपास का 23 फीसदी ज्यादा-स्काईमेट

चालू खरीफ सीजन में कई राज्यों में बेमौसम बारिश और बाढ़ और सूखे से जहां खरीफ की प्रमुख फसल चावल के साथ ही दलहन और सोयाबीन के उत्पादन में कमी आने का अनुमान है, वहीं कपास का उत्पादन 23 फीसदी ज्यादा होने की संभावना है।

मौसम की जानकारी देने वाली निजी कंपनी स्काईमेट के अनुसार खरीफ की प्रमुख फसल चावल का उत्पादन 12 फीसदी घटकर 9 करोड़ टन ही होने का अनुमान है जबकि पिछले खरीफ सीजन में इसका उत्पादन 10.21 करोड़ टन का हुआ था। चालू खरीफ में धान की रोपाई में पिछले साल की तुलना में एक फीसदी की कमी आई थी। धान की रोपाई चालू खरीफ में 382.34 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी, जबकि पिछले साल खरीफ में इसकी रोपाई 386.92 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

दलहनी फसलों का उत्पादन खरीफ सीजन 2019 में 4.5 फीसदी घटकर 82.02 लाख टन ही होने का अनुमान है जबकि पिछले खरीफ सीजन में 85.9 लाख टन दालों का उत्पादन हुआ था। दालों की बुआई चालू खरीफ में 2 फीसदी घटकर 134.02 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी, जबकि इसके पिछले साल इसकी बुआई 136.4 लाख हेक्टेयर में हुई थी। खरीफ दलहन की प्रमुख फसल अरहर की बुआई पिछले साल के 45.75 लाख हेक्टेयर की तुलना में 45.82 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और बाढ़ से सोयाबीन को नुकसान

खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल सोयाबीन का उत्पादन चालू खरीफ में 12 फीसदी घटकर 121.5 लाख टन का ही होने का अनुमान है जबकि इसके पिछले साल इसका उत्पादन 137.8 लाख टन का हुआ था। सोयाबीन के प्रमुख उत्पादक राज्यों में सितंबर और अक्टूबर में हुई बेमौसम बारिश एवं बाढ़ से सोयाबीन की फसल को नुकसान हुआ, जिस प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में कमी आई। सोयाबीन की बुआई खरीफ सीजन में 113.99 लाख हेक्टेयर में हुई थी, जोकि इसके पिछले साल के 113.1 लाख हेक्टेयर से थोड़ी ज्यादा थी।

कपास उत्पादन अनुमान 23 फीसदी ज्यादा

कपास का उत्पादन चालू खरीफ सीजन में 23 फीसदी बढ़कर 357.7 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) होने का अनुमान है जबकि इसके पिछले साल देश में 287 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ था। स्काईमेट के अनुसार कपास के उत्पादन में बढ़ोतरी बुआई क्षेत्रफल बढ़ने की वजह से हुआ है। खरीफ में कपास की बुआई बढ़कर 127.67 लाख हेक्टयेर में हुई थी, जबकि इसके पिछले साल इसकी बुआई केवल 121.05 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

कई राज्यों में बेमौसम बारिश और बाढ़ से खरीफ फसलों को नुकसान

स्काईमेट के अनुसार खरीफ सीजन में मानसून की शुरूआत जून में देरी से हुई तथा जुलाई में भी बारिश सामान्य से कम बारिश हुई थी। अगस्त में मानसूनी बारिश अच्छी हुई तथा सितंबर में समान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मानसून की वापसी में देरी हुई, तथा अक्टूबर और नवंबर में देश के कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इस दौरान देश के 12 राज्यों आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पंजाब तथा उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने से खरीफ फसलों सोयाबीन, मूंगफली, कपास, उड़द, अरहर आदि को नुकसान हुआ।