Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस गेहूं-धान का चक्र तोड़ने के लिए पंजाब ने विश्व बैंक से मांगी वित्तीय सहायता
गेहूं-धान का चक्र तोड़ने के लिए पंजाब ने विश्व बैंक से मांगी वित्तीय सहायता
गेहूं-धान का चक्र तोड़ने के लिए पंजाब ने विश्व बैंक से मांगी वित्तीय सहायता

गेहूं-धान का चक्र तोड़ने के लिए पंजाब ने विश्व बैंक से मांगी वित्तीय सहायता

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने विश्व बैंक से तकनीकी और वित्तीय सहायता मांगी ताकि राज्य में किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान के चक्र से दूसरी फसलों की ओर रुख करने में मदद मिल सके। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ जल संरक्षण करना भी है।

विश्व बैंक के वैश्विक निदेशक (कृषि और जल) जुएरजेन वोयगेले की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कार्यक्रमों से प्रोत्साहित होकर, कई किसान गेहूं और धान की खेती छोड़ रहे हैं और वैकल्पिक फसलों की ओर अपना रुख कर रहे हैं।

किसानों की सहायता के लिए कार्य योजना तैयार करेगी राज्य सरकार

राज्य सरकार के अनुसार जो किसान गेहूं और धान की खेती को छोड़ अन्य फसलों का रुख कर रहे हैं उन्हें तकनीकी और वित्तीय सहायता की आवश्यकता है, जो विश्व बैंक प्रदान कर सकता है। अमरिंदर ने राज्य के कृषि विभाग से कहा है कि वे विश्व बैंक को देने के लिए फसल विविधीकरण और भूजल संरक्षण के बारे में योजना का खाका तैयार करें ताकि विश्व बैंक से तकनीकी और वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सके। उच्च स्तरीय बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और घटते जल स्तर को रोकने जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए फसल विविधीकरण करने पर केंद्रित था। मुख्यमंत्री ने विश्व बैंक से पंजाब में फल और पशुधन निर्यात को बढ़ावा देने के लिए समर्थन प्रदान करने का भी आग्रह किया, जैसा कि विश्व बैंक ने उज्बेकिस्तान में किया था।

राज्य की पानी बचाओ, पैसा कमाओ' योजना की सराहना की

अमरिंदर ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से अपने अनुभवों और नवाचारों को साझा करने के लिए कहा ताकि राज्य के भूजल स्तर को संरक्षित किया जा सके। पंजाब सरकार के बयान के अनुसार वोयगेले ने राज्य की पहल 'पानी बचाओ, पैसा कमाओ' की सराहना की और मुख्यमंत्री को उनके फसल विविधीकरण और जल संरक्षण की दिशा में किये जा रहे उनके प्रयासों को विश्व बैंक से पूरी मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में फलों और संबद्ध क्षेत्रों में अपनी क्षमता का दोहन करते हुए एक नई कृषि क्रांति का सूत्रपात करने का बड़ा मौका है।

एजेंसी इनपुट