Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस बेमौसम बारिश से प्रभावित जम्मू-कश्मीर के किसानों का केसीसी कर्ज हो माफ : पीडीपी सांसद
बेमौसम बारिश से प्रभावित जम्मू-कश्मीर के किसानों का केसीसी कर्ज हो माफ : पीडीपी सांसद
बेमौसम बारिश से प्रभावित जम्मू-कश्मीर के किसानों का केसीसी कर्ज हो माफ : पीडीपी सांसद

बेमौसम बारिश से प्रभावित जम्मू-कश्मीर के किसानों का केसीसी कर्ज हो माफ : पीडीपी सांसद

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सांसद नजीर अहमद लावे ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि जम्मू-कश्मीर में बेमौसम बारिश और बर्फबारी से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, इसलिए केंद्र सरकार प्रभावित किसानों को कर्ज माफ करें।

उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर के किसानों को बेमौसम बारिश और बर्फबारी के कारण भारी नुकसान हुआ है। मैंने केंद्र सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में एक केंद्रीय टीम भेजने की मांग की है जोकि नुकसान का जायजा ले सके। उन्होंने कहा कि बहुत से किसानों ने बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का ऋण लिया हुआ है, तथा नुकसान के कारण वे अब केसीसी का भुगतान नहीं कर सकते इसलिए केंद्र सरकार प्रभावित किसानों का कर्ज माफ कर दे।

उन्होंने कहा कि इसलिए मैंने इस मुद्दे को संसद में उठाया है ताकि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह ऋण हर साल मौसम के हिसाब से दिया जाता है इससे किसान दवा, बीज और अन्य आवश्यक चीजें खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि यह कर्ज आम तौर पर तीन लाख से अधिक नहीं होता है इसलिए इसे माफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के किसान फलों की खेती करते हैं तथा जम्मू के किसान धान की खेती करते हैं, लेकिन इस बार बेमौसम बारिश से सभी को नुकसान हुआ है।

सांबा जिलें में पिछले दो दिनों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिलें में पिछले दो दिनों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से करीब 35 से 40 फीसदी फसलों को नुकसान हुआ है। जिला कृषि अधिकारी जहांगीर शफी के अनुसार पिछले दो दिनों में बारिश के कारण कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई, औसतन अनुमान के अनुसार 35 से 40 फसीदी तक फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि यह बारिश के लिए नुकसान दायक है, क्योंकि किसानों को गेहूं की बुआई करनी है, जबकि खेतों में पानी है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर गेहूं की बुआई नहीं हुई तो, किसानों को नुकसान होगा।

किसानों ने खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग की

सांबा जिले में 14,409 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें से 11,000 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई की जाती है। 1,290 हेक्टेयर भूमि पर सब्जियां बोई जाती हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी फसलों के अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। पहले वे व्यापारियों को 1121 बासमती धान 3,200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचते थे, लेकिन इस बार उन्हें 2,100-2,200 रुपये क्विंटल के भाव धान बेचना पड़ रहा है। जिले के किसानों ने सरकार से मांग की है कि खराब हुई फसलों का मुआवजा दिया जाए।

एजेंसी इनपुट