Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस नई आवक बनने से पहले ही चना एवं सरसों में भारी गिरावट, किसानों को नुकसान की आशंका
नई आवक बनने से पहले ही चना एवं सरसों में भारी गिरावट, किसानों को नुकसान की आशंका
नई आवक बनने से पहले ही चना एवं सरसों में भारी गिरावट, किसानों को नुकसान की आशंका

नई आवक बनने से पहले ही चना एवं सरसों में भारी गिरावट, किसानों को नुकसान की आशंका

नई फसल की आवक बनने से पहले ही चना और सरसों की कीमतों में आई भारी गिरावट से किसानों को नुकसान होने की आशंका है। पिछले दस दिनों में सरसों की कीमतों में 600 रुपये और चना की कीमतों में 400 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ चुकी है। उत्पादक मंडियों में चना के भाव 4,000 से 4,100 रुपये और सरसों के भाव 3,950 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं जबकि केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन 2020-21 के लिए चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4,875 रुपये और सरसों का एमएसपी 4,425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।

राजस्थान की भरतपुर मंडी के सरसों कारोबारी राजेंद्र गुप्ता ने बताया मंडी में सरसों के भाव घटकर गुरूवार को 3,950 4,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि 20 जनवरी को इसके भाव 4,600 रुपये प्रति क्विंटल थे। उन्होंने बताया कि फरवरी अंत तक नई सरसों की दैनिक आवक बनेगी। मध्य प्रदेश की छत्तरपुर मंडी के चना कारोबारी राजकुमार जैन ने बताया कि चालू सीजन में चना की पैदावार ज्यादा होने का अनुमान है जिस कारण कीमतों में गिरावट बनी हुई है। गुरूवार को मंडी में चना के भाव घटकर 4,000 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि दस दिन पहले 4,400 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिक रहा था।

केंद्रीय पूल में चना और सरसों का बकाया स्टॉक ज्यादा

दिल्ली के जिंस कारोबारी राधाकिशन गुप्ता ने बताया कि चना की नई फसल की आवक कर्नाटक और महाराष्ट्र की मंडियों में फरवरी के अंत तक शुरू हो जायेगी, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान में नई फसल मार्च में आयेगी। चालू रबी में बुआई में हुई बढ़ोतरी से चना का उत्पादन ज्यादा होने का अनुमान है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है। उन्होंने बताया कि सरसों की नई फसल की आवक फरवरी के आखिर में बनेगी, तथा मार्च में आवक का दबाव बनेगा। नेफेड के पास करीब 16 लाख टन चना और 10 लाख टन सरसों का स्टॉक है।

चना के उत्पादन का लक्ष्य ज्यादा, सरसों का कम

कृषि मंत्रालय के अनुसार रबी दलहन की प्रमुख फसल चना की बुआई पिछले साल के 95.89 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 106.40 लाख हेक्टयेर में हो चुकी है। हालांकि चालू रबी में सरसों की बुआई में थोड़ी कमी आई है। इसकी बुआई अभी तक 69.24 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई 69.45 लाख हेक्टेयर में हुई थी। मंत्रालय के अनुसार फसल सीजन 2018-19 में 101.3 लाख टन चना का उत्पादन हुआ था जबकि चालू रबी में उत्पादन का लक्ष्य 116 लाख टन का तय किया है। सरसों के उत्पादन का लक्ष्य चालू रबी में 82.37 लाख टन का तय किया है जबकि पिछले साल 93.39 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ था।