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उद्योग ने कपास के उत्पादन अनुमान में एक बार फिर की दो लाख गांठ की कटौती
उद्योग ने कपास के उत्पादन अनुमान में एक बार फिर की दो लाख गांठ की कटौती

उद्योग ने कपास के उत्पादन अनुमान में एक बार फिर की दो लाख गांठ की कटौती

महीने भर में उद्योग ने कपास के उत्पादन अनुमान में एक बार फिर 2 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलोग्राम) की कटौती कर चालू फसल सीजन में 328 लाख गांठ उत्पादन का अनुमान लगाया है। इससे पहले फरवरी के पहले सप्ताह में भी उद्योग ने उत्पादन अनुमान में पांच लाख गांठ की कमी थी। पिछले साल देश में 365 लाख गांठ का उत्पादन हुआ था।

कॉटन एसोसिएशन आफ इंडिया (सीएआई) के अध्यक्ष अतुल एस. गणात्रा के अनुसार तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में कपास की तीसरी और चौथी पिकिंग नहीं हो पाई, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र में मानसूनी बारिश सामान्य से कम होने के कारण उत्पादन पिछले साल की तुलना में कम होने का अनुमान है। गुजरात में चालू सीजन में कपास का उत्पादन घटकर 83.50 लाख गांठ कपास के उत्पादन का अनुमान है जबकि पिछले साल राज्य में 101.80 लाख गांठ का उत्पादन हुआ था। उधर महाराष्ट्र में 77 लाख गांठ ही होने का अनुमान है। इसके अलावा तेलंगाना में 43 लाख गांठ, आंध्रप्रदेश में 16 और कर्नाटक में 15 लाख गांठ कपास के उत्पादन का अनुमान है।

आयात बढ़ने और निर्यात घटने का अनुमान

पहली अक्टूबर 2018 से शुरू हुए चालू सीजन में 28 फरवरी तक उत्पादक मंडियों में 213.42 लाख गांठ कपास की आवक हो चुकी है जोकि कुल उत्पादन का करीब 65 फीसदी है। चालू सीजन में 28 फरवरी तक 30 लाख गांठ कपास का निर्यात हो चुका है जबकि करीब 5.50 लाख गांठ का आयात भी हो चुका है। उद्योग के अनुसार चालू सीजन में कपास का कुल आयात बढ़कर 27 लाख गांठ होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 15 लाख गांठ का ही आयात हुआ था। चालू फसल सीजन में कपास का निर्यात घटकर 50 लाख गांठ ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 69 लाख गांठ का निर्यात हुआ था।

बकाया स्टॉक रहेगा कम

उद्योग के अनुसार चालू सीजन के अंत में 30 सितंबर 2019 को घरेलू मंडियों में कपास का बकाया स्टॉक घटकर 17 लाख गांठ ही बचने का अनुमान है जबकि पिछले बकाया स्टॉक 28 लाख गांठ का था। उत्पादक मंडियों में 29 एमएम बढ़िया क्वालिटी की कपास के भाव 42,000 रुपये प्रति कैंडी (एक कैंडी-356 किलो) चल रहे हैं जबकि पिछले साल इस समय भाव 41,000 रुपये प्रति कैंडी थे।