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गेहूं की सरकारी खरीद 25 फीसदी कम, समर्थन मूल्य से नीचे बिक रहा है कई राज्यों में

APR 16 , 2018

चालू रबी विपणन सीजन 2018-19 में गेहूं की सरकारी खरीद प्रमुख उत्पादक राज्यों पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में पिछे चल रही जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बढ़ी है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान की कई मंडियों में सरकारी खरीद के अभाव में किसानों को 1,470 से 1,675 रुपये प्रति क्विंटल की दर से व्यापारियों को गेहूं बेचना पड़ रहा है जबकि चालू रबी में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1,735 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।

समर्थन मूल्य से नीचे बिक रहा है कई राज्यों में

एगमार्क नेट के अनुसार राजस्थान के दौसा जिले की बांदीकुई मंडी में 12 अप्रैल को गेहूं का भाव 1,512 से 1,576 रुपये, जालावाड़ की भवानी मंडी में 1,500 से 1,678 रुपये, मध्य प्रदेश के भिंड जिले की आलमपुर मंडी में 1,490 से 1,538 रुपये, सागर जिले की बांदा मंडी में 1,470 से 1,575 रुपये प्रति क्विंटल रहा। इसी तरह से उत्तर प्रदेश की आगरा मंडी में गेहूं के भाव 1,580 से 1,610 रुपये और एटा मंडी में 1,570 से 1,620 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश से खरीद कम

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अनुसार चालू रबी विपणन सीजन 2018-19 में गेहूं की सरकारी खरीद 25 फीसदी पिछड़ कर अभी तक केवल 67.25 लाख टन की ही हो पाई है जबकि पिछले रबी विपणन सीजन की समान अवधि में इसकी खरीद 89.61 लाख टन की हो चुकी थी। मध्य प्रदेश से चालू रबी में 24.85 लाख टन गेहूं ही खरीदा गया है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 27.93 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी थी। पंजाब से 9.13 लाख टन गेहूं की खरीद ही चालू सीजन में अभी तक हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 21.25 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी थी। हरियाणा से समर्थन मूल्य पर अभी तक 27.21 लाख टन गेहूं ही खरीदा गया है जबकि पिछले साल इस समय तक 38.45 लाख टन की खरीद हो चुकी थी।

यूपी और राजस्थान से खरीद ज्यादा

उत्तर प्रदेश से चालू रबी में गेहूं की खरीद बढ़कर 3.14 लाख टन की हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 60 हजार टन गेहूं ही खरीदा गया था। इसी तरह से राजस्थान से भी खरीद बढ़कर चालू रबी में 2.58 लाख टन की हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 1.32 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी।

फ्लोर मिलों की खरीद कम

प्रवीन कार्मिशयल कंपनी के प्रबंधक नवीन गुप्ता ने बताया कि जुलाई-अगस्त में गेहूं के आयात की संभावना के कारण फ्लोर मिलें गेहूं की खरीद सीमित मात्रा में ही कर रही हैं, जबकि उत्पादक राज्यों की मंडियों में दैनिक आवक लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने आयातित गेहूं पर 20 फीसदी का आयात शुल्क लगा रखा है। अत: वर्तमान में तो आयात नहीं हो रहा है लेकिन जून में यूक्रेन और रूस में गेहूं की नई फसल की आवक बनेगी, जिससे विश्व बाजार में कीमतों में कमी आ सकती है। ऐसे में माना जा रहा है कि जुलाई में यूक्रेन से लाल गेहूं के आयात पड़ते लग सकते हैं।

खरीद का लक्ष्य 320 लाख टन

केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन में गेहूं की खरीद का लक्ष्य 320 लाख टन का तय किया हुआ है जबकि पिछले रबी विपणन सीजन में 308.24 लाख टन गेहूं की खरीद समर्थन मूल्य पर की थी।


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