Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस चावल की सरकारी खरीद 101 लाख टन के पार, लक्ष्य 416 लाख टन का
चावल की सरकारी खरीद 101 लाख टन के पार, लक्ष्य 416 लाख टन का
चावल की सरकारी खरीद 101 लाख टन के पार, लक्ष्य 416 लाख टन का

चावल की सरकारी खरीद 101 लाख टन के पार, लक्ष्य 416 लाख टन का

चालू खरीफ विपणन सीजन 2019-20 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चावल की खरीद 101.22 लाख टन की हो चुकी है। अभी तक हुई खरीद में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी पंजाब से 63.08 लाख टन और हरियाणा से 37.39 लाख टन है।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अनुसार पहली अक्टूबर 2019 से शुरू हुई चावल की समर्थन मूल्य पर खरीद 101.22 लाख टन की हो चुकी है। पंजाब और हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश से चालू खरीफ में समर्थन मूल्य पर 40,295 टन, तमिलनाडु से 20,866 टन, चंडीगढ़ से 10,476 टन और केरल से 2,199 टन धान की खरीद हुई है। चालू खरीफ विपणन सीजन के लिए चावल की खरीद का लक्ष्य 416 लाख टन का तय किया हुआ है जोकि पिछले साल खरीदे गए 443.31 लाख टन से कम है।

ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश से शुरू नहीं हुई है खरीद

चालू खरीफ विपणन सीजन के लिए पंजाब से चावल की खरीद का लक्ष्य 114 लाख टन का तय किया गया है जबकि हरियाणा से खरीद का लक्ष्य 40 लाख टन का है। पिछले साल से पंजाब से समर्थन मूल्य पर 113.34 और हरियाणा 39.42 लाख टन चावल की खरीद हुई थी। अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश से चालू खरीफ में खरीद का लक्ष्य 33 लाख टन, ओडिशा से 34 लाख टन, छत्तीसगढ़ से 48 लाख टन और आंध्रप्रदेश से 40 लाख टन का है। तेलंगाना से चावल की खरीद का लक्ष्य 30 लाख टन, बिहार से 12 लाख टन, मध्य प्रदेश से 14 लाख टन, महाराष्ट्र से 6 लाा टन, तमिलनाडु से 8 लाख टन और उत्तराखंड से 5 लाख टन का तय किया गया है।

धान की रोपाई में आई कमी

केंद्र सरकार ने चालू खरीफ विपणन सीजन 2019-20 के लिए ए ग्रेड धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,835 रुपये और कॉमन ग्रेड धान का 1,815 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। पिछले खरीफ सीजन में धान का समर्थन मूल्य 1,750 और 1,770 रुपये प्रति क्विंटल था। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ सीजन 2019 में धान की रोपाई 382.34 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल 386.92 लाख हेक्टयेर में रोपाई हुई थी।