Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस कर्नाटक के 17 जिलों में बाढ़ से 4.20 लाख हेक्टेयर में फसलों को नुकसान
कर्नाटक के 17 जिलों में बाढ़ से 4.20 लाख हेक्टेयर में फसलों को नुकसान
कर्नाटक के 17 जिलों में बाढ़ से 4.20 लाख हेक्टेयर में फसलों को नुकसान

कर्नाटक के 17 जिलों में बाढ़ से 4.20 लाख हेक्टेयर में फसलों को नुकसान

पहली अगस्त से लगातार हो रही बारिश के कारण कर्नाटक के 17 जिलों के 80 तालुका प्रभावित हुए हैं, जिससे राज्य में कृषि और बागवानी फसलों को करीब 4.20 लाख हेक्टेयर में नुकसान हुआ है। बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कर्नाटक सरकार ने केंद्र सरकार से मदद की मांग की है। राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने प्रधानमंत्री मोदी से 3,000 करोड़ के राहत पैकेज की मांग की है।

देश के कई राज्य इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल के कई जिलों में बाढ़ से खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका है। कर्नाटक में पहली अगस्त से लगातार बारिश हो रही है जिससे राज्य की लगभग सारी नदियां उफान पर हैं।

अगस्त के पहले सप्ताह में कर्नाटक में 128 फीसदी ज्यादा बारिश हुई 

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले दो-तीन दिन दक्षिण कर्नाटक में तेज बारिश होने का अनुमान है। चालू मानसूनी सीजन में पहली जून से 11 अगस्त तक उत्तर-पूर्वी कर्नाटक में सामान्य से 45 फीसदी और दक्षिण कर्नाटक में इस दौरान 23 फीसदी बारिश सामान्य से ज्यादा हुई है। दक्षिण कर्नाटक में 11 अगस्त को बारिश सामान्य से 125 फीसदी ज्यादा हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त के पहले सप्ताह एक अगस्त से सात अगस्त के दौरान कर्नाटक में बारिश सामान्य से 128 फीसदी ज्यादा दर्ज की गई। इस दौरान राज्य में सामान्यत: 57.6 फीसदी बारिश होती है, जबकि हुई है 131.5 फीसदी।

राज्य में 6,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान

बाढ़ के चलते राज्य में 6,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इसे बीते 45 वर्षों में राज्य पर आई सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा करार दिया है तथा केंद्र सरकार से उन्होंने 3,000 करोड़ रुपये की राशि की मांग की है। राज्य के बाढ़ प्रभावित 17 जिलों में से 14 जिलों में हालात ज्यादा खराब हैं। राज्य के बगलकोट, बेलागवी, बीजापुर (विजयपुरा), चिकमंगलूरु, दक्षिण कन्नड़, धारवाड़, गडग, हासन, हुबली, कोडागू, मैसूर, शिवमोगा, उडुपी और उत्तर कन्नड़ ऐसे इलाके हैं जहां बाढ़ की भीष्णता ज्यादा होने के कारण इन जिलों में खरीफ फसलों को ज्यादा नुकसान की आशंका है।