Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस महाराष्ट्र में बाढ़ से 4.20 लाख हेक्टेयर में 3,500 करोड़ के नुकसान की आशंका
महाराष्ट्र में बाढ़ से 4.20 लाख हेक्टेयर में 3,500 करोड़ के नुकसान की आशंका
महाराष्ट्र में बाढ़ से 4.20 लाख हेक्टेयर में 3,500 करोड़ के नुकसान की आशंका

महाराष्ट्र में बाढ़ से 4.20 लाख हेक्टेयर में 3,500 करोड़ के नुकसान की आशंका

पश्चिम महाराष्ट्र में बाढ़ से 4.20 लाख हेक्टेयर में 3,500 करोड़ रुपये की खरीफ फसलों को नुकसान होने की आशंका है। राज्य सरकार के अनुसार करीब 10.50 लाख किसान प्रभावित हुए हैं। राज्य के कृषि निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आउटलुक को बताया कि बाढ़ से गन्ना, धान, मक्का, ज्वार और बाजरा के अलावा बागवानी फसलों को भी नुकसान हुआ है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित कोल्हापुर, सांगली और सतारा में गन्ने के साथ ही अंगूर का उत्पादन ज्यादा होता है। वहां अंगूर की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। यहां अंगूर की फसल में बीमारी लगने का डर है। चालू खरीफ सीजन में राज्य में गन्ने की बुआई घटकर पहले ही 8.40 लाख हेक्टेयर रह गई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 11 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी।

बाढ़ से राज्य के 10.50 लाख किसान प्रभावित

उन्होंने बताया कि बाढ़ से कोल्हापुर, सांगली, सतारा, ठाणे, पुणे, नासिक, पालघर, रत्नागिरि, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग जिलों में 10.50 लाख किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। मंत्रालय के आरंभिक अनुमान के अनुसार खरीफ फसलों को करीब 3,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बाढ़ की स्थिति तो सुधरी है, लेकिन अब भी कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी भरा है। अत: स्थिति सामान्य होने के बाद नुकसान का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। बीमा कंपनियों ने फसलों को नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

मध्य महाराष्ट्र में औसत से 70 फीसदी ज्यादा हुई बारिश

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगस्त में राज्य में बारिश सामान्य से 32 फीसदी ज्यादा हुई। इस दौरान सामान्यत: 685.8 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि पहली अगस्त से 14 अगस्त तक राज्य में 902.3 मिलीमीटर बारिश हुई है। मध्य महाराष्ट्र में बारिश सामान्य से 70 फीसदी ज्यादा हुई। यहां पहली अगस्त से 14 अगस्त तक सामान्यत: 503.6 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार 857.5 मिलीमीटर बारिश हुई है। हालांकि मराठवाड़ा में अब भी बारिश सामान्य से 20 फीसदी कम है।

राज्य सरकार ने केंद्र से मांगे 6,813 करोड़ रुपये

महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 6,813 करोड़ रुपये मांगे हैं। इनमें से 2,088 करोड़ रुपये फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को देने के लिए मांगे गए हैं। राज्य सरकार ने आपदा का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों की एक उपसमिति बनाने का भी फैसला किया है। यह उपसमिति मदद नियमावली तय करेगी। इसकी बैठक सप्ताह में एक बार होगी।