Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस जीएम खेती के खिलाफ किसान संगठनों ने दी देशव्यापी आंदोलन की धमकी
जीएम खेती के खिलाफ किसान संगठनों ने दी देशव्यापी आंदोलन की धमकी
जीएम खेती के खिलाफ किसान संगठनों ने दी देशव्यापी आंदोलन की धमकी

जीएम खेती के खिलाफ किसान संगठनों ने दी देशव्यापी आंदोलन की धमकी

देश में आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) फसल की खेती के खिलाफ अपनी लड़ाई को तेज करते हुए, कृषि कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार ने जीएम की अवैध खेती पर अंकुश लगाने की मांग की। किसान संगठनों ने कहा कि अगर सरकार ने इस पर अंकुश नहीं लगाया तो फिर देशव्यापी आंदोलन किया जायेगा।

सोमवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विभिन्न किसान यूनियनों के नेताओं ने जीन प्रौद्योगिकी-जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (जीईएसी) को पत्र लिखकर अवैध खेती करने वाले को दंडित करने की मांग की। हाल ही में महाराष्ट्र और हरियाणा में किसानों ने हर्बिसाइड-टोलरेंट (एचटीबीटी) कपास की बुवाई की थी।

इस पत्र पर भाजपा किसान मोर्चा, भारतीय किसान संघ (बीकेएस), भारतीय किसान यूनिया (भाकियू), कर्नाटक राज्यसभा संघ, अग्रगामी किसान सभा, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा (एआईकेकेएस) और स्वदेशी जागरण मंच के नेताओं ने हस्ताक्षर किए। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 12 जुलाई को जीईएसी के अधिकारियों से मुलाकात की थी ताकि विनियामक सुधारों के लिए उनकी मांगों को आगे बढ़ाया जा सके।

सरकार जीएम फसलों की बुवाई करने वाले से सख्ती से निपटे

भाकियू के नेता युधवीर सिंह ने कहा कि जीएमओ (आनुवंशिक रूप से संशोधित जीव) हमारे पर्यावरणीय स्थिरता, किसान आजीविका या उपभोक्ता के स्वास्थ्य को खतरे में नहीं डालते हैं।इसलिए हम देश में जीएम फसलों को लाने के लिए किसी भी कदम का दृढ़ता से विरोध करेंगे, जिसमें अवैध खेती भी शामिल है, जैसा कि बीटी कपास के साथ हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर एहतियाती दृष्टिकोण और सुनिश्चित करने के लिए एक नीतिगत निर्णय लेना है। इसलिए इनकी बुवाई करने वालों से सरकार सख्ती से निपटे।

अवैध जीएम बीजों की बिक्री भी रोक की मांग

भारतीय किसान संघ के बद्रीनारायण चौधरी ने सरकार से जीएम फसलों के पक्ष में नकली किसान संगठनों के बहकावे में नहीं आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध जीएम बीजों को चुनने और खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, वे वास्तव में एक राष्ट्र-विरोधी कदम उठा रहे हैं और एक तरह से यह जैव आतंकवाद है। हम जागरूक किसान संघों के रूप में, सरकार से इस पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग करते हैं।किसान संगठनों ने देश में बीटी बैंगन और इसके जीएम वेरिएंट के बीजों के प्रसार के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।