Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस अगस्त में ज्यादा बारिश होने के बाद भी देशभर के 14 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात
अगस्त में ज्यादा बारिश होने के बाद भी देशभर के 14 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात
अगस्त में ज्यादा बारिश होने के बाद भी देशभर के 14 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात

अगस्त में ज्यादा बारिश होने के बाद भी देशभर के 14 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात

देश के कई राज्यों में भारी बारिश से जहां बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, वहीं 14 फीसदी हिस्से में अभी भी सूखे जैसे हालात है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार चालू मानसूनी सीजन में पहली जून से 23 अगस्त के दौरान देश के 36 सब डिवीजनों में से 7 में बारिश सामान्य से कम हुई है।

जून में देशभर में मानसूनी बारिश सामान्य से 33 फीसदी कम हुई थी, जबकि जुलाई में सामान्य से 9 फीसदी बारिश कम दर्ज की गई थी। अगस्त में बारिश की कमी का आंकड़ा घटकर एक फीसदी रह गया लेकिन इस दौरान कर्नाटक और महाराष्ट्र में सामान्य से ज्यादा बारिश होने से करीब 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ फसलों के साथ ही सब्जियों और फलों को नुकसान होने की अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार चालू मानसूनी सीजन में पहली जून से 23 अगस्त तक देशभर के 63 फीसदी क्षेत्रफल में बारिश सामान्य हुई है जबकि इस दौरान 23 फीसदी क्षेत्रफल में बारिश सामान्य से ज्यादा हुई है। इस दौरान 14 फीसदी क्षेत्रफल में बारिश कम होने के कारण अभी भी सूखे जैसे हालाता बने हुए हैं।

महाराष्ट्र के मरावाड़ा में भी सूखे जैसे हालात

मौसम विभाग के अनुसार चालू मानसूनी सीजन में पहली जून से 23 अगस्त तक मध्य महाराष्ट्र में जहां सामान्य से 59 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है लेकिन राज्य के मराठवाड़ा में बारिश अभी सामान्य से 25 फीसदी कम हुई है जिससे सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। राज्य के विदर्भ में भी बारिश सामान्य से 4 फीसदी कम दर्ज की गई है। आईएमडी के अनुसार मराठवाड़ा के छह जिलों बीड, हिंगोली, जालना, लातूर, उस्मानाबाद और परभणी में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई। विदर्भ के नागपुर, वाशिम और यवतमाल में भी बारिश सामान्य से कम हुई है।

झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल में बारिश सामान्य से कम

झारखंड में चालू खरीफ में मानसूनी बारिश सामान्य से 28 फीसदी कम हुई है, जबकि बिहार में 13 फीसदी, पश्चिम बंगाल में 29 फीसदी कम हुई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सिक्कम में भी बारिश सामान्य से कम हुई है। झारखंड के 16 जिलों, बिहार के 21 जिलों तथा ओडिशा के पांच जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। इसी तरह से पश्चिम बंगाल के 15 जिलों में भी बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। उत्तर भारत के हरियाणा में इस दौरान बारिश सामान्य से 31 फीसदी कम, उत्तराखंड में 24 फीसदी कम, पश्चिम उत्तर प्रदेश में सामान्य से 26 फीसदी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश सामान्य से 11 फीसदी कम हुई है।

प्रभावित जिलों में खरीफ फसलों की बुआई पर भी पड़ा है असर

कृषि मंत्रालय के अनुसार मानसूनी बारिश कम होने के कारण बिहार में धान की रोपाई घटकर 26.56 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 31.48 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी। इसी तरह से पश्चिम बंगाल में धान की रोपाई पिछले साल के 39.69 लाख हेक्टेयर से घटकर 34.58 लाख हेक्टेयर में ही हुई है। महाराष्ट्र और ओडिशा में धान की रोपाई पिछले साल की तुलना में कम हुई है। महाराष्ट्र में दालों की बुआई भी चालू खरीफ में पिछले साल के 20.31 लाख हेक्टेयर में तुलना में केवल 18.91 लाख हेक्टेयर में ही हुई है। ओडिशा और झारखंड में भी दालों की बुआई पिछले साल की तुलना में घटी है।