Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस कोरोना वायरस: कपास और धागे के निर्यात सौदे रुके, घरेलू किसान मुश्किल में
कोरोना वायरस: कपास और धागे के निर्यात सौदे रुके, घरेलू किसान मुश्किल में
कोरोना वायरस: कपास और धागे के निर्यात सौदे रुके, घरेलू किसान मुश्किल में

कोरोना वायरस: कपास और धागे के निर्यात सौदे रुके, घरेलू किसान मुश्किल में

कोरोना वायरस के कारण विश्व बाजार में कपास और धागे की निर्यात मांग लगभग ठप हो गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में 25 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। घरेलू कपास किसानों को समर्थन मूल्य से 450-550 रुपये प्रति क्विंटल तक नीचे दाम पर कपास बेचनी पड़ रही है।

नार्थ इंडिया कॉटन एसोसिएशन आफइंडिया के पूर्व अध्यक्ष राकेश राठी ने बताया कि कोरोना वायरस के असर से कपास की मांग कम हो गई है, जिसकी वजह से न्यूयार्क कॉटन के मई महीने के वायदा में कॉटन के भाव घटकर 53 सेंट प्रति पाउंड पर आ गए हैं। यह दस साल का न्यूनतम भाव है। 20 जनवरी 2020 को मार्च के वायदा अनुबंध में कॉटन का भाव 71.25 सेंट प्रति पाउंड था।

उन्होंने बताया कि पिछले पंद्रह-बीस दिनों से भारत से कपास के साथ ही धागे का निर्यात पूरी तरह रुक गया है। जिस कारण घरेलू बाजार में भी कीमतों में भारी गिरावट आई है। उत्पादक मंडियों में कपास के दाम घटकर 4,800 से 5,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं, जबकि केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2019-20 के लिए मीडियम स्टेपल कपास का समर्थन मूल्य 5,250 रुपये और लॉन्ग स्टेपल 5,550 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।

कपास के साथ धागे की पुरानी शिपमेंट भी रुकी

कपास कारोबारी नवीन ग्रोवर ने बताया कि अहमदाबाद में शंकर-6 किस्म की कपास का भाव घटकर 37,000 रुपये प्रति कैंडी (एक कैंडी-356 किलो) रह गया, जबकि जनवरी महीने के अंत में इसका भाव 40,800 रुपये प्रति कैंडी था। उन्होंने बताया कि कपास के साथ ही धागे के नए निर्यात सौदे हो नहीं रहे हैं, जबकि पुराने सौदों की शिपमेंट भी रुक गई है, ऐसे में मौजूदा कीमतों में और भी मंदा आ सकता है। उन्होंने बताया कि जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे तब तक विश्व बाजार में कपास की कीमतों में सुधार आने की उम्मीद नहीं है

सीसीआई 79 लाख गांठ कपास की कर चुकी है खरीद

कॉटन कारपोरेशनऑफ इंडिया (सीसीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार निगम अक्टूबर 2019 से शुरू हुए चालू फसल सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 11 मार्च तक 79 लाख गांठ कपास (एक गांठ-170 किलो) की खरीद कर चुका है। उन्होंने बताया कि कीमतें समर्थन मूल्य से नीचे होने के कारण निगम को ज्यादा खरीद करनी पड़ रही है तथा चालू सीजन में कुल खरीद करीब 100 लाख गांठ होने का अनुमान है। निगम ने फसल सीजन 2018-19 में 10.7 लाख गांठ कपास की खरीद की थी।

कपास का उत्पादन अनुमान ज्यादा

कॉटन एसोसिएशन आफ इंडिया (सीएआई) के अनुसार चालू फसल सीजन में कपास का उत्पादन बढ़कर 354.50 लाख गांठ होने का अनुमान है जबकि पिछले साल केवल 312 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ था। चालू फसल सीजन में 29 फरवरी तक उत्पादक मंडियों में कपास की दैनिक आवक 254.43 लाख गांठ की थी। कॉटन एडवाइजरी बोर्ड (सीएबी) ने फसल सीजन 2019-20 में देश में कपास का उत्पादन 360 लाख गांठ होने का अनुमान जारी किया है जबकि कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार कपास का उत्पादन 348.91 लाख गांठ होगा।