Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस कपास बिक्री पर हुए घाटे की भरपाई के लिये केंद्र ने 1,061 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी
कपास बिक्री पर हुए घाटे की भरपाई के लिये केंद्र ने 1,061 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी
कपास बिक्री पर हुए घाटे की भरपाई के लिये केंद्र ने 1,061 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी

कपास बिक्री पर हुए घाटे की भरपाई के लिये केंद्र ने 1,061 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी

केन्द्र सरकार ने कपास वर्ष 2014-15 और 2015-16 के दौरान एमएसपी परिचालनों के तहत खरीदी गई कपास की बिक्री पर हुए नुकसान से हुए घाटे के लिये भारतीय कपास निगम (सीसीआई) और महाराष्ट्र प्रदेश सहकारी कपास उत्पादक विपणन महासंघ (एमएससीसीजीएमएफएल) के लिए 748.08 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी है।

सरकार ने कपास वर्ष 2017-18 और 2018-19 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी गई कपास की बिक्री पर सीसीआई और एमएससीसीजीएमएफएल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 312.93 करोड़ रुपये के खर्च को भी मंजूरी दी। कपास वर्ष, अक्टूबर से अगले वर्ष सितंबर माह तक का चलता है। ये निर्णय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में लिये गये। समिति ने कपास वर्ष 2017-18 और 2018-19 के दौरान, महाराष्ट्र राज्य सहकारी कपास उत्पादक विपणन महासंघ लिमिटेड (एमएससीसीजीएमएफएल) को महाराष्ट्र राज्य में सीसीआई के उप-एजेंट के रूप में एमएसपी संचालन करने के लिए शामिल करने के पूर्व-व्यापी फैसले को भी स्वीकृति प्रदान की है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस मंजूरी से कपास के मूल्य समर्थन कार्यों में मदद मिलेगी, जो कपास की कीमतों को स्थिर करने में मदद करता है तथा मुख्य रूप से किसानों के हितों की रक्षा करने और किसी भी घबराहटपूर्ण बिकवाली को रोकने के लक्ष्य से प्रेरित है।

सीसीआई चालू फसल सीजन में कर चुकी है 79 लाख गांठ कपास की खरीद

पहली अक्टूबर 2019 से शुरू हुए चालू फसल सीजन में सीसीआई न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 11 मार्च तक 79 लाख गांठ कपास (एक गांठ-170 किलो) की खरीद कर चुका है। उन्होंने बताया कि कीमतें समर्थन मूल्य से नीचे होने के कारण निगम को ज्यादा खरीद करनी पड़ रही है तथा चालू सीजन में कुल खरीद करीब 100 लाख गांठ होने का अनुमान है। निगम ने फसल सीजन 2018-19 में 10.7 लाख गांठ कपास की खरीद की थी।

एजेंसी इनपुट