Home एग्रीकल्चर एग्री बिजनेस भोपाल में युवाओं ने जैविक बाजार की शुरूआत की, किसान और उपभोक्ताओं को होगा लाभ
भोपाल में युवाओं ने जैविक बाजार की शुरूआत की, किसान और उपभोक्ताओं को होगा लाभ
भोपाल में युवाओं ने जैविक बाजार की शुरूआत की, किसान और उपभोक्ताओं को होगा लाभ

भोपाल में युवाओं ने जैविक बाजार की शुरूआत की, किसान और उपभोक्ताओं को होगा लाभ

मध्य प्रदेश के भोपाल में युवाओं के एक समूह ने किसानों की मदद करने के लिए जैविक बाजार शुरू किया है। जैविक फसलों का उत्पादन करने वाले किसान इस बाजार में अपने उत्पाद बेच सकेंगे, साथ ही जैविक उत्पादों की खरीद करने वाले उपभोक्ता भी इस बाजार से एग्री उत्पादों की खरीद कर सकेंगे। इससे किसानों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा।

इन जैविक बाजार के नाम गो रुर्बन और अनंत नाम के संगठनों ने गांधी भवन में अब तक सात ऐसी मंडियों का आयोजन किया है। इन मंडियों में महीने के तीसरे या चौथे रविवार को जैविक बाजार लगाये जाते हैं।

जैविक बाजार से किसान और उपभोक्ता दोनों को फायदा

जैविक बाजार अनंत के सह-संस्थापक पियुली ने कहा कि इस तरह के जैविक बाजार से किसानों के साथ ही उपभोक्ताओं को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि किसान अपने जैविक उत्पाद इन बाजारों में बेच सकेंगे, साथ ही उपभोक्ताओं को भी पता होगा, इन बाजार में जैविक उत्पाद ही मिलते हैं तो इससे दोनों को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि जो उपभोक्ता जैविक मंडियों से उत्पादों की खरीद कर रहे हैं वे कहते हैं कि सब्जी का स्वाद बेहतर है और स्वास्थ्यवर्धक भी है। उन्होंने कि मंडियों में सप्ताह में एक दिन जैविक उत्पाद ही बेचने का आयोजन करना चाहिए।

मध्य प्रदेश में जैविक खेती में हो रही है बढ़ोतरी

जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये मध्य प्रदेश में वर्ष 2011 में जैविक कृषि नीति लागू की गई। इसके बाद से राज्य में जैविक खेती में लगातार वृद्धि हो रही है। प्रदेश में व्यावसायिक संगठन एसोचैम ने सर्वे किया था। सर्वे में यह बताया गया था कि प्रदेश मे अगले 5 वर्षों में 600 करोड़ रुपये के जैविक उत्पाद के निर्यात की संभावना है। केंद्र सरकार भी लगातार जैविक खेती को प्रोत्साहन दे रही है। सूत्रों के अनुसार परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीआई), पूर्वोत्तर क्षेत्र जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन, (एमओवीसीडीएनईआर) और राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के तहत पूरे देश में करीब 23.2 लाख हेक्टेयर में जैविक खेती हो रही है।

एजेंसी इनपुट