Advertisement

संसद में गतिरोध खत्म होने के आसार नहीं

संसद सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सोमवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक से पहले ही सरकार और कांग्रेस में तकरार देखने को मिली। शनिवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक दूसरे को दोषी ठहराने का आरोप मढ़ा जाता रहा। कांग्रेस ने जहां सत्र में गतिरोध के लिए सरकार को जिम्मेवार ठहराया वहीं सरकार की ओर से कहा कि गया कि जब विदेश मंत्री अपना बयान देने के लिए तैयार हैं तो गतिरोध किस बात की है। लेकिन कांग्रेस विदेश मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ राजस्‍थान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का भी इस्तीफा मांग रही है।
संसद में गतिरोध खत्म होने के आसार नहीं

सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। बैठक से पहले ही कांग्रेस की ओर से यह बयान आया कि जब तक भाजपा के तीन वरिष्ठ नेताओं का मुद्दा बैठक में नहीं शामिल किया जाता तब तक बैठक का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्‍थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे पर अड़ी हुई है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर संसद में गतिरोध को दूर किया जाना है तो भाजपा के तीन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा एजेंडे में होना चाहिए।

आजाद का कहना है कि गतिरोध को दूर करने के चर्चा करने में हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन यह उस बात पर आधारित होना चाहिए कि ललित मोदी विवाद के सिलसिले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा व्यापम घोटाले को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने साफ तौर पर कहा कि जब विदेश मंत्री बयान देने के लिए तैयार हैं तो गतिरोध क्यों हो रहा है। प्रसाद ने कहा कि राज्य के मुद्दों पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती। 

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से
Advertisement
Advertisement
Advertisement
  Close Ad