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रिश्तेदारों को टिकट के लिए दबाव न बनाएं नेताः मोदी

JAN 07 , 2017
गरीबों के कल्याण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य ध्यान उन्हीं पर है। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही कालेधन और भ्रष्टाचार से मुकाबले के लिए नोटबंदी को एक दीर्घकालिक उपाय के तौर पर रेखांकित किया जिससे गरीबों का जीवन स्तर बेहतर बनाया जा सकेगा। उन्होंने पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर पार्टी के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि वे रिश्तेदारों के टिकट के लिए दबाव न बनाएं। संगठन को जो सही लगेगा उससे ही टिकट मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी को चुनाव में मिल कर काम करना हैं और पांच राज्यों में जीत पक्की करना है।

मोदी ने भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अपने समापन संबोधन में कहा कि गरीबों की सेवा भगवान की सेवा करने के बराबर है। उन्होंने यह कहने के लिए संस्कृत के एक श्लोक का इस्तेमाल किया कि उन्हें सत्ता, स्वर्ग या पुनर्जन्म का मोह नहीं है, वह तो केवल लोगों का दुख दर्द मिटाना चाहते हैं।

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मोदी ने एक बार फिर चुनाव सुधारों पर जोर दिया और इस मामले में आम सहमति बनाने के लिए राजनीतिक दलों का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा राजनीतिक चंदे को पारदर्शी बनाने में एक प्रमुख भूमिका निभाएगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था ने एक अधिक पारदर्शी युग की शुरुआत की है।

उन्होंने कहा कि  भाजपा राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहेगी। जनता को यह जानने का अधिकार है कि हमारा वित्तपोषण कहां से आ रहा है। ऐसे में जब विपक्षी दल नोटबंदी के बाद भाजपा नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं,  मोदी ने पार्टी नेताओं से कहा कि उन्हें आलोचनाओं का स्वागत करना चाहिए लेकिन आरोपों से विचलित नहीं होना चाहिए। मोदी ने इसके साथ ही यह रेखांकित किया कि वह बहुत ही सामान्य पृष्ठभूमि से आए हैं और उन्होंने गरीबी में जीवन व्यतीत किया है। (एजेंसी)


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