Advertisement

एएमयू प्रोफेसर की नियुक्ति पर उपराष्ट्रपति ने लिया संज्ञान

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व प्रॉक्टर डॉ.जमशेद सिद्दीकी की प्रोफेसर पद पर नियुक्ति पिछले काफी समय से विवादों में है। इस बारे में विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) जमीरउद्दीन शाह से शिकायत भी की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब इस मसले पर उपराष्ट्रपति कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए कुलपति कार्यालाय को मामले पर गौर करने के आदेश दिए हैं।
एएमयू प्रोफेसर की नियुक्ति पर उपराष्ट्रपति ने लिया संज्ञान

गौरतलब है कि बीते दिनों आउटलुक पत्रिका में भी इस बारे में समाचार प्रकाशित किया गया था। एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी ने इस संबंध में कुलपति को कई दफा शिकायत की थी लेकिन कोई कार्यवाही न होने पर उन्होंने इस मसले पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को यह शिकायती पत्र भेजा। पत्र पर संज्ञान लेते हुए उपराष्ट्रपति के उच्च सचिव महताब सिंह ने शिकायती पत्र की कॉपी संलग्न करते हुए एएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) जमीरउद्दीन शाह  को मामले पर संज्ञान लेने के लिए कहा है।

 

क्या है शिकायत

शिकायत पत्र में शहजाद आलम बरनी ने नियुक्ति में हुई सभी अनियमितताओं के बारे में लिखा है। बरनी का आरोप है कि जमशेद सिद्दीकी की पीएचडी की डिग्री विवादास्पद है। बरनी का आरोप है कि सिद्दीकी की नियुक्ति नियमों के खिलाफ बताई है। उनके अनुसार डॉक्टर जमशेद सिद्दीकी ने मैनेजमेंट विभाग से पीएचडी की, जबकि अपने आवेदन पत्र में उन्होंने इनफॉर्मेशन सिस्टम में पीएचडी बताई है। यही नहीं आरोप है कि डॉ. सिद्दीकी ने खुद ही विभागाध्यक्ष बनकर अपने आवेदन पत्र का अनुमोदन किया। पिछले दिनों आउटलुक मैग्जीन में इस पर की गई स्टोरी में प्रो.सिद्दीकी के मसले पर कुलपति ने आउटलुक को बताया था कि पदोन्नति के लिए प्रो. सिद्दीकी सभी शर्तों को पूरा कर रहे थे।

 

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से
Advertisement
Advertisement
Advertisement
  Close Ad